एक सैकड़ा जवानों के पहरे में स्ट्रांग रूम, चार जून का बेसब्री से इंतजार


ग्वालियर। लोकतंत्र के सबसे बड़े महोत्सव चुनाव में मतदान के बाद अब प्रत्याशियों और मतदाताओं की निगाहें परिणाम पर टिक गई हैं। प्रत्याशियों का जो भाग्य ईवीएम मशीनों में कैद है, उस पर से 4 जून को पर्दा उठेगा। यही कारण है कि सभी को चार जून का बेसब्री से इंतजार है। दरअसल ग्वालियर संसदीय सीट के लिए इस बार 62.13 प्रतिशत मतदान हुआ है। इसमे शहर के मुकाबले ग्रामीण क्षेत्र में मतदान को लेकर काफी उत्साह रहा।
ग्रामीण क्षेत्र के मतदान बूथों पर महिलाएं घूंघट डाले कतार में खड़ी नजर आई। युवा मतदान को लेकर उत्साहित नजर आए। उधर राजनीतिक विश्लेषक अपने स्तर पर परिणाम का अनुमान लगाने में जुट गए हैं। हैरानी की बात तो यह है कि पिछले दिनों जिनके द्वारा परिणाम का अनुमान जाहिर किया गया था, वे तक मतदान के प्रतिशत के बाद नए सिरे से अनुमान की कवायद में जुट गए हैं। ईवीएम विधानसभा बार एमएलबी महाविद्यालय में बनाए गए स्ट्रांग रूम में कड़ी सुरक्षा में रखी गई है। स्ट्रांग रूम के बाहर तीन स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था की गई है। पहले स्तर पर बीएसएफ, दूसरे पर एसएएफ और आखिर में स्थानीय जिला पुलिस का बल को लगाया गया है। इसके अलावा करीब एक सैकड़ा जवान, तीन टीआई व एक सीएसपी विशेष तौर पर तैनात किया गया है। इसी तरह स्ट्रांग रूम में बंद ईवीएम मशीन के पास तक जाने की किसी को भी अनुमति नहीं है और मॉनीटरिंग कर रहे अधिकारी भी बाहरी क्षेत्र तक जा सकेंगे, साथ ही पुलिस जवानों के पास तक सिर्फ प्रत्याशी और अधिकारियों को जाने की अनुमति है।
स्ट्रांग रूम की सुरक्षा के लिए जगह-जगह आधा सैकड़ा से अधिक सीसीटीव्ही कैमरे भी लगाए गए हैं। जिससे पूरे स्ट्रांग रूम और वहां तैनात जवानों पर नजर रखी जा रही है। इसके अलावा स्ट्रांग रूम के अंदर भी कैमरे लगाए गए हैं, जिससे अंदर नजर रखी जा सके। साथ ही स्ट्रांग रूम के बाहर एक बड़ी स्क्रीन लगाई गई है, जिसका कनेक्शन स्ट्रांग रूम में लगे कैमरों से किया गया है। इसलिए स्ट्रांग रूम के अंदर के माहौल पर नजर रखने के लिए भाजपा, कांग्रेस के अलावा अन्य पार्टियों के नेताओं ने भी निगरानी रखने के लिए स्ट्रांग रूम के बाहर डेरा जमा लिया है।