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अवैध कॉलोनियों को लेकर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव कितनी ही सख्ती भरे आदेश दे रहे हो। लेकिन वास्तविकता में ये सभी आदेश बेअसर साबित हो रहे। खुली सरकारी जमीनों पर ही नहीं बल्कि माफिया नदी-बांध के कैचमेंट एरिया को भी अवैध कब्जों से नहीं छोड़ रहे। मुरार स्थित जड़ेरूआ बांध की जमीन में भी धड़ल्ले से अवैध कॉलोनी बसाई जा रही है। यहां बाउंड्रीवॉल कर नदी के बहाव क्षेत्र को कवर कर दिया गया है। मामला खुलने के बाद अब कलेक्टर रुचिका चौहान ने रिपोर्ट तलब की है। वहीं टाउन एंड कंट्री प्लानिंग (टीएंडसीपी) इस जमीन पर जारी अनुमति को निरस्त करने की प्रक्रिया शुरू कर चुका है।
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विभागीय अधिकारियों का कहना है कि बालकिशन राठौर व अन्य लोगों ने कॉलोनी के लिए गलत दस्तावेज प्रस्तुत कर अनुमति ली। लेकिन सही दस्तावेज सामने आने के बाद इसे निरस्त किया जा रहा है। वीरपुर बांध, हनुमान बांध, रमौआ बांध, अलापुर बांध भी अतिक्रमण का शिकार ही बने हुए हैं। इन बांधों के आसपास और कैचमेंट की जमीन पर अतिक्रमण कर मकान लगातार बनाए जा रहे हैं। जबकि, एक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट इन सभी बांध क्षेत्रों से अतिक्रमण हटाने के आदेश दे चुका है। अधिकारी अतिक्रमण हटाना तो दूर, नए अतिक्रमण रोक भी नहीं पा रहे हैं। बांध की 1.045 हेक्टेयर जमीन पर कॉलोनी के लिए बालकिशन राठौर, गुलशन आसीजा, शांति देवी, आयुष अरोरा व संजय ताराचंद ने टीएंडसीपी से अनुमति ली। अनुमति में इन्होंने राजस्व विभाग द्वारा 5 अप्रैल 2021 को जारी एनओसी लगाई। जबकि ये एनओसी 2 माह बाद 7 जून 2021 को निरस्त हो चुकी थी। लेकिन इसकी जानकारी आवेदन के साथ प्रस्तुत दस्तावेजों में छिपाकर अनुमति ले ली गई।
बालकिशन राठौर व अन्य लोगों ने टीएंडसीपी को अनुमति के लिए एक शपथ पत्र भी दिया है। जिसमें कहा गया है कि उक्त जमीन उनके स्वामित्व की है और इसमें कोई शासकीय या निजी विवाद नहीं है। जबकि, उक्त जमीन जड़ेरुआ बांध की होकर शासकीय जमीन का हिस्सा है।
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जड़ेरुआ बांध क्षेत्र में कॉलोनी को लेकर मामला सामने आने पर जांच रिपोर्ट मांगी है। रिपोर्ट आने पर आगे की कार्यवाही की जाएगी।
-रुचिका चौहान, कलेक्टर
बालकिशन व अन्य ने जो दस्तावेज एवं शपथ पत्र प्रस्तुत किए थे। उनके आधार पर अनुमति दी गई थी। लेकिन राजस्व विभाग की एनओसी निरस्ती का दस्तावेज इन लोगों ने छिपाया, जो अब सामने आया है। इसलिए ये अनुमति निरस्त कर रहे हैं।
– केके कुशवाह, संयुक्त संचालक/ टीएंडसीपी
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