– अपनी ही कंफर्म सीट पर बैठने के लिए करना पड़ रहा संघर्ष
भारतीय रेलवे के आरक्षित डिब्बों (स्लीपर और एसी कोच) में बिना टिकट या अनारक्षित (जनरल) यात्रियों के घुसने से उत्पन्न हुई समस्या वर्तमान में एक बड़ा राष्ट्रीय मुद्दा बन चुकी है। सोशल मीडिया से लगातार वायरल हो रहे वीडियो और यात्रियों की शिकायतें सामने आ रही है।
नवीनतम अपडेट्स के लिए bhaskarplus.com से जुड़े रहें!
दिल्ली-मुंबई, यूपी और बिहार रूटों पर चलने वाली ट्रेनों के थर्ड एसी और सेकंड एसी कोचों में भी जनरल टिकट वाले यात्री जबरन घुस रहे हैं। गैलरी (रास्तों) और टॉयलेट के पास पैर रखने तक की जगह नहीं बच रही है। जिन यात्रियों ने महीनों पहले कंफर्म सीट बुक की थी, उन्हें अपनी ही सीट पर बैठने या सोने के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। महिलाओं और बुजुर्गों को कोच में चलने और टॉयलेट तक जाने में भारी असुविधा हो रही है। खिड़कियों और दरवाजों से जबरन घुसने के कारण बोगियों में विवाद और हाथापाई की स्थिति बन रही है। हाल ही में चलती ट्रेनों में महिला यात्रियों के साथ बदसलूकी और प्रताड़ना की वीडियो भी सामने आई हैं। यात्रियों का आरोप है कि ट्रेनों में टीटीई और आरपीएफ जवान नदारद रहते हैं या भीड़ के आगे बेबस नजर आते हैं। कई मामलों में टीटीई द्वारा ही जुर्माना लेकर जनरल यात्रियों को आरक्षित कोच में बने रहने देने की शिकायतें भी आई हैं।
नवीनतम अपडेट्स के लिए bhaskarplus.com से जुड़े रहें!
पिछले कुछ वर्षों में रेलवे ने ट्रेनों में एसी कोचों की संख्या बढ़ाई है और जनरल व सामान्य स्लीपर डिब्बों को कम किया है। इस वजह से कम बजट वाले आम यात्रियों के लिए ट्रेनों में जगह ही नहीं बचती और वे मजबूरी में आरक्षित डिब्बों में चढ़ जाते हैं। गर्मियों की छुट्टियों और त्योहारों के पीक सीजन में रेल नेटवर्क पर यात्रियों का दबाव क्षमता से कई गुना अधिक हो जाता है। स्टेशनों के प्लेटफॉर्म पर ही भीड़ को आरक्षित कोचों में चढ़ने से रोकने के पुख्ता इंतजाम नहीं हैं। सोशल मीडिया पर बढ़ते जनता के आक्रोश और रेल मंत्रालय के हस्तक्षेप के बाद रेलवे ने वेटिंग टिकट वालों की एंट्री पर पूर्ण प्रतिबंध का नया कड़ा नियम लागू किया है जिसके तहत काउंटर से लिए गए वेटिंग लिस्ट टिकट धारकों को भी अब स्लीपर या एसी कोच में चढ़ने की अनुमति नहीं होगी। पहले केवल ऑनलाइन वेटिंग टिकट रद्द होते थे, जबकि काउंटर टिकट वाले कोच में चढ़ जाते थे।
नवीनतम अपडेट्स के लिए bhaskarplus.com से जुड़े रहें!
रेल अधिनियम, 1989 की धारा 155 के तहत अवैध रूप से आरक्षित बोगियों में सफर करने वालों पर भारी जुर्माना लगाया जा रहा है और उन्हें बीच के स्टेशनों पर ही आरपीएफ की मदद से ट्रेन से उतारा जा रहा है। प्रमुख स्टेशनों पर ट्रेन रवाना होने से एक घंटे पहले ही आरपीएफ और टिकट चेकिंग स्टाफ को स्लीपर व एसी कोच के हर दरवाजे पर तैनात किया जा रहा है ताकि अनधिकृत लोग प्रवेश न कर सकें। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए भारतीय रेलवे बड़े पैमाने पर नए एलएचबी नॉन-एसी और जनरल डिब्बों का निर्माण कर रहा है ताकि आम यात्रियों को पर्याप्त जगह मिल सके। जिन ट्रेनों के स्लीपर क्लास में यात्री कम होते हैं, उन्हें सीधे जनरल (अनारक्षित) बोगी में तब्दील किया जा रहा है ताकि स्थानीय यात्रियों को राहत मिले।
मध्य प्रदेश नवीनतम अपडेट्स के लिए bhaskarplus.com से जुड़े रहें! यहां पढ़ें MP News और पाएं MP Breaking News in Hindi हर पल की जानकारी । मध्य प्रदेश की हर ख़बर सबसे पहले आपके पास, क्योंकि हम रखते हैं आपको हर पल के लिए तैयार। जुड़े रहें हमारे साथ और बने रहें अपडेटेड!

