मौसम में आई ठंडक तो बदला भगवान का खानपान व परिधान
ग्वालियर। वैसे तो भगवान पर शीत, ग्रीष्म व बारिश का कोई प्रभाव नहीं पड़ता है। सनातन धर्म में भाव पूजा को प्रधानता दी गई है। इसलिए ऋतू परिवर्तन होने पर मंदिर के पट खुलने, बंद होने, मंगला व शयन आरती के समय परिवर्तन के साथ भगवान के परिधान और बाल्य भोग व राजशी भोग की…

