
भारत का भौगोलिक और जलवायु विविधता सर्दियों के दौरान कुछ क्षेत्रों में अद्वितीय ठंड का अनुभव कराती है। ये गंतव्य रोमांचक बर्फबारी, शांत वातावरण, और अद्वितीय अनुभव प्रदान करते हैं। आइए जानें, भारत के उन स्थानों के बारे में, जो सर्दियों के जादू का आनंद लेने के लिए बिल्कुल उपयुक्त हैं।
1. द्रास – भारत का सबसे ठंडा स्थान
जम्मू-कश्मीर के कारगिल जिले में स्थित द्रास को भारत के सबसे ठंडे स्थानों के रूप में जाना जाता है। सर्दियों में यहां का तापमान -45 डिग्री सेल्सियस तक गिर सकता है, जिससे यह पृथ्वी पर सबसे ठंडे निवास स्थानों में से एक बन जाता है। इस छोटे से शहर को अक्सर “लद्दाख का प्रवेश द्वार” कहा जाता है। ठंड की स्थिति के बावजूद, बर्फ से ढके पहाड़ों से घिरे द्रास की अद्भुत सुंदरता इसे भारत के शीर्ष ठंडे पर्यटन स्थलों में से एक बनाती है। जो पर्यटक ठंड का सामना करते हैं वे शांत शांतिपूर्ण परिदृश्य का आनंद ले सकते हैं जो इस क्षेत्र को इतना अनोखा बनाते हैं।
द्रास – भारत का सबसे ठंडा स्थान
तापमान: सर्दियों में -45°C तक गिर सकता है।
घूमने का सही समय: अक्टूबर से फरवरी।
कैसे पहुंचें: श्रीनगर एयरपोर्ट से 140 किमी दूर। टैक्सी या बस से पहुंचा जा सकता है।
क्या करें: बर्फ से ढके पहाड़ों का नजारा, ट्रेकिंग, और स्थानीय संस्कृति का अनुभव।
2. सियाचिन ग्लेशियर
जबकि सैन्य नियंत्रण के कारण पर्यटकों के लिए खुला नहीं सियाचिन ग्लेशियर भारत के सबसे ठंडे स्थानों में से एक है। यहां का तापमान -50 डिग्री सेल्सियस तक गिर जाता है, जिससे यह अत्यधिक ठंड वाला स्थान बन जाता है। यह दुनिया का सबसे ऊंचा युद्धक्षेत्र है और भारत के सबसे ठंडे स्थलों की सूची में एक विशेष स्थान रखता है। भले ही आप सियाचिन की ऐसी विषम परिस्थितियों को नहीं देख सकते, लेकिन इसकी कल्पना ही इसके रहस्य को और बढ़ा देती है।
सियाचिन ग्लेशियर – दुनिया का सबसे ऊंचा युद्धक्षेत्र
तापमान: सर्दियों में -50°C तक।
घूमने का सही समय: सामान्यतः प्रतिबंधित, परंतु मई से अक्टूबर के बीच सीमावर्ती स्थानों का दौरा किया जा सकता है।
कैसे पहुंचें: निकटतम बेस कैंप तक विशेष परमिट से यात्रा।
क्या करें: ग्लेशियर की अद्भुत तस्वीरें लें और भारतीय सेना के शौर्य को नमन करें।
3. लेह
लद्दाख की राजधानी लेह अपनी ठंडी सर्दियों के लिए प्रसिद्ध है। सीज़न के दौरान पूरा क्षेत्र बर्फ से ढके पहाड़ों के अद्भुत दृश्यों के साथ एक शीतकालीन वंडरलैंड में बदल जाता है। लेह भारत में सबसे लोकप्रिय बर्फबारी वाले स्थानों में से एक है, जो प्राकृतिक सुंदरता और शीतकालीन गतिविधियों दोनों की पेशकश करता है। यह शहर उन लोगों के लिए बिल्कुल उपयुक्त है जो शीतकालीन भारत में घूमने के स्थानों की तलाश में हैं, चाहे आप साहसिक खेलों में रुचि रखते हों या बर्फीले परिदृश्य की सुंदरता में डूबे हों। यह भारत के सबसे ठंडे स्थानों में से एक है।
लेह – सर्दियों का परफेक्ट वंडरलैंड
तापमान: सर्दियों में -20°C तक।
घूमने का सही समय: नवंबर से फरवरी।
कैसे पहुंचें: लेह एयरपोर्ट भारत के प्रमुख शहरों से जुड़ा है।
क्या करें: चादर ट्रेक, लेह पैलेस, और नुब्रा घाटी की यात्रा

4. स्पीति घाटी
हिमाचल प्रदेश की स्पीति घाटी भारत की सबसे दुर्गम और सबसे ठंडी जगहों में से एक है। भारी बर्फबारी के कारण चरम सर्दियों के दौरान घाटी देश के बाकी हिस्सों से कट जाती है। यदि आप एक अलग और शांतिपूर्ण शीतकालीन अवकाश की तलाश में हैं तो स्पीति आपकी सूची में होना चाहिए। अपने बर्फ से ढके परिदृश्यों और प्राचीन मठों के साथ, स्पीति शांति और प्राकृतिक सुंदरता का एक दुर्लभ संयोजन प्रदान करता है। यह भारत में एक अनोखे शीतकालीन गंतव्य की तलाश करने वाले साहसिक प्रेमियों के लिए भी पसंदीदा है।
स्पीति घाटी – साहसिक यात्रियों का स्वर्ग
तापमान: सर्दियों में -30°C तक।
घूमने का सही समय: नवंबर से मार्च।
कैसे पहुंचें: शिमला या मनाली से सड़क मार्ग।
क्या करें: मठ दर्शन, हिम ट्रेकिंग, और स्थानीय संस्कृति का अनुभव।
5. गुलमर्ग
जम्मू-कश्मीर में स्थित गुलमर्ग भारत में बर्फ देखने के लिए सबसे अच्छी जगहों में से एक है। अपनी बर्फ से ढकी ढलानों के लिए प्रसिद्ध गुलमर्ग देश में बेहतरीन स्कीइंग और स्नोबोर्डिंग अनुभव प्रदान करता है। शहर के सुंदर दृश्य और ठंडी जलवायु इसे शीतकालीन खेल प्रेमियों के लिए एक लोकप्रिय स्थान बनाती है। शून्य से काफी नीचे तापमान गिरने के कारण गुलमर्ग आसानी से भारत के सबसे ठंडे हिल स्टेशनों में से एक है। यह भारत के सबसे ठंडे स्थानों में से एक है।
गुलमर्ग – स्कीइंग का स्वर्ग
तापमान: सर्दियों में -7°C से नीचे।
घूमने का सही समय: दिसंबर से मार्च।
कैसे पहुंचें: श्रीनगर एयरपोर्ट से 50 किमी दूर।
क्या करें: स्कीइंग, गोंडोला राइड, और बर्फबारी का आनंद।
मनाली – बर्फीले रोमांच का केंद्र
तापमान: सर्दियों में -1°C तक।
घूमने का सही समय: दिसंबर से फरवरी।
कैसे पहुंचें: भुंतर एयरपोर्ट से 50 किमी।
क्या करें: रोहतांग पास की यात्रा, पैराग्लाइडिंग, और मॉल रोड पर शॉपिंग।
6. मनाली
हिमाचल प्रदेश में मनाली भारत के सबसे प्रसिद्ध शीतकालीन स्थलों में से एक है। यह अपने खूबसूरत बर्फ से ढके दृश्यों के लिए जाना जाता है जो इसे पर्यटकों के लिए एक पसंदीदा स्थान बनाता है। ठंड के महीनों के दौरान, मनाली एक बर्फीले स्वर्ग में बदल जाता है, जो रोमांच और विश्राम के मिश्रण की तलाश करने वाले यात्रियों को आकर्षित करता है। यह भारत के सबसे ठंडे स्थानों में से एक है। स्कीइंग और स्नोबोर्डिंग जैसी विभिन्न गतिविधियों के साथ मिलकर ठंडा तापमान इसे सर्दियों में भारत में घूमने के लिए शीर्ष स्थानों में से एक बनाता है।
लाचेन – उत्तरी सिक्किम का रत्न
तापमान: सर्दियों में -10°C तक।
घूमने का सही समय: नवंबर से मार्च।
कैसे पहुंचें: गंगटोक से टैक्सी।
क्या करें: गुरुडोंगमार झील की यात्रा और बर्फीले गांव का नजारा।
7. लाचेन
उत्तरी सिक्किम में स्थित लाचेन भारत का एक और कम प्रसिद्ध लेकिन आश्चर्यजनक रूप से सुंदर ठंडा पर्यटन स्थल है। सर्दियों में यह गाँव बर्फ से ढक जाता है, जिससे यह सामान्य पर्यटक भीड़ से दूर एक शांतिपूर्ण स्थान बन जाता है। ठंडा मौसम और प्राकृतिक सुंदरता उन लोगों के लिए लाचेन की यात्रा अवश्य करती है जो सर्दियों का अनोखा अनुभव चाहते हैं। दुनिया की सबसे ऊंची झीलों में से एक गुरुडोंगमार झील भी पास में ही है और सर्दियों के महीनों के दौरान अक्सर जम जाती है। यह भारत के सबसे ठंडे स्थानों में से एक है।
लाचेन – उत्तरी सिक्किम का रत्न
तापमान: सर्दियों में -10°C तक।
घूमने का सही समय: नवंबर से मार्च।
कैसे पहुंचें: गंगटोक से टैक्सी।
क्या करें: गुरुडोंगमार झील की यात्रा और बर्फीले गांव का नजारा।
8. औली
उत्तराखंड में स्थित औली सर्दियों के प्रेमियों के लिए एक और शानदार जगह है। भारत में बर्फ देखने के लिए सबसे अच्छी जगहों में से एक के रूप में जाना जाने वाला औली स्कीइंग के लिए अच्छी तरह से बनाए रखा ढलान प्रदान करता है। बर्फ से ढकी चोटियों के मनोरम दृश्यों और ठंडे मौसम के साथ औली शीतकालीन खेल प्रेमियों के लिए एक शीर्ष स्थान है। ठंडा मौसम और खूबसूरत परिवेश इसे उन लोगों के लिए पसंदीदा बनाता है जो बर्फ से बचने की चाहत रखते हैं। यह भारत के सबसे ठंडे स्थानों में से एक है।
औली – स्कीइंग का भारतीय केंद्र
तापमान: सर्दियों में -8°C।
घूमने का सही समय: दिसंबर से फरवरी।
कैसे पहुंचें: जोशीमठ से केबल कार।
क्या करें: स्कीइंग, नंदा देवी के दृश्य, और औली आर्टिफिशियल लेक।

9. केलांग
हिमाचल प्रदेश के लाहौल-स्पीति जिले में केलोंग भारत के सबसे ठंडे स्थानों में से एक है जो शीतकालीन वंडरलैंड में बदल जाता है। सर्दियों में भारी बर्फबारी के कारण केलांग दुर्गम हो जाता है, लेकिन इसकी प्राकृतिक सुंदरता और शांत वातावरण इसे साहसी लोगों के लिए एक शीर्ष गंतव्य बनाता है। यदि आप ठंड का सामना करने के इच्छुक हैं तो केलोंग से बर्फ से ढके पहाड़ों और शांतिपूर्ण घाटियों के शानदार दृश्य दिखाई देते हैं।
केलांग – लाहौल-स्पीति का छिपा खजाना
तापमान: सर्दियों में -25°C।
घूमने का सही समय: नवंबर से अप्रैल।
कैसे पहुंचें: मनाली से सड़क मार्ग।
क्या करें: ट्रेकिंग, चंद्रताल झील की यात्रा, और बर्फबारी का मजा।
10. तवांग
अरुणाचल प्रदेश में स्थित तवांग अपने मठों और बर्फ से ढकी चोटियों के लिए प्रसिद्ध है। भारत के सबसे ठंडे हिल स्टेशनों में से एक तवांग में सर्दियों के दौरान ठंड का अनुभव होता है, जो शांतिपूर्ण लेकिन ठंडी छुट्टी की तलाश करने वालों के लिए एक आदर्श स्थान है। ठंडा मौसम शहर के आकर्षण को बढ़ाता है, खासकर इसके खूबसूरत बौद्ध मठों के कारण जो सांस्कृतिक पृष्ठभूमि प्रदान करते हैं।
तवांग – बर्फ से ढकी मठों की भूमि
तापमान: सर्दियों में -10°C तक।
घूमने का सही समय: नवंबर से फरवरी।
कैसे पहुंचें: तेजपुर एयरपोर्ट से सड़क मार्ग।
क्या करें: तवांग मठ, बर्फीली घाटियों की यात्रा।
टिप्स:
गर्म कपड़े, जलरोधक जूते, और दवाइयाँ साथ रखें।
यात्रा से पहले सड़क और मौसम की स्थिति की जाँच करें।

