स्वच्छ सर्वेक्षण: 12 कैटेगरी में 1500 अंक धरातल पर, तैयारी कुछ नहीं

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ग्वालियर। स्वच्छ सर्वेक्षण 2026 का आगाज हो चुका है, केंद्र सरकार ने टूल किट (अंक तालिका) भेज दी है। जिसमें बताया गया है कि किस कैटेगरी में किस चीज के कितने अंक निर्धारित किए गए हैं। इनमें से विजुअल क्लीननेस के 1500 अंक है जो कि 12 भागों में बांटे गए हैं। वर्तमान स्थिति में विजुअल क्लीननेस का ग्वालियर में काफी अभाव है, हर तरफ गंदगी दिख रही है, साथ ही लाल-पीले दाग जगह-जगह बने हुए हैं। मार्च-अप्रैल में ग्वालियर में सर्वे करने के लिए टीमें आ जाएंगी। ऐसे में 1500 अंक कट सकते हैं जिसके कारण ग्वालियर नगर निगम की रैंकिंग पिछड़ सकती है।

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इन 12 कैटेगरी में इतने अंक, यह है हालत
आवासीय क्षेत्रों में प्रतिदिन सफाई 150 अंक: ग्वालियर में आवासीय क्षेत्रों में प्रतिदिन सफाई का नियम है, लेकिन कई इलाकों में सफाई कर्मचारी गायब हो जाते हैं। समय पर टिपर वाहन नहीं आते हैं, साथ ही हर दिन झाडू नहीं लगती है, जिसके कारण गंदगी रहती है
व्यवसायिक क्षेत्रों में झाडू लगता 150 अंक: व्यवसायिक क्षेत्रों में प्रतिदिन झाडू नहीं लगती है, जिसके कारण मार्केटों में कचरा रहता है, टिपर वाहनों के पहुंचाने का समय ठीक नहीं है जिसके कारण मार्केट का कचरा सड़कों पर पड़ा रहता है।
साफ बैकलेन 100 अंक: आवासीय क्षेत्रों में बैकलेन को नियमित सफाई होनी चाहिए, साथ ही बैकलेन बेहतर स्थिति में होनी चाहिए, दीवारों पर पेंटिंग आदि कर उन्हें सुंदर बनाया जाना चाहिए। ग्वालियर नगर निगम में बैकलेन केवल शासकीय आवासों के पास ही हैं, लेकिन यहां पर स्थिति बेहद खराब है।
कचरा ठीया मुक्त, ट्विन डस्टबिन 100 अंक: शहर में अधिकांश इलाकों में आज भी कचरे के ठीये बने हुए हैं। शहर कचरा ठीया मुक्त होना चाहिए। साथ ही सड़कों, मार्केट एवं धार्मिक स्थल, पर्यटन क्षेत्रों में ट्विन डस्टबिन होना चाहिए। जिससे लोग गीला और सूखा कचरा अलग-अलग दे सकें। ग्वालियर में डस्टबिनों की हालत खराब हैं, कहीं टूटे पड़े हैं तो कहीं गायब हैं।
लाल-पीले दागों से मुक्त शहर 150 अंक: शहर में पेशाब से बने पीले एवं गुटखा थूकने से बने लाल निशान नहीं दिखने चाहिए। ग्वालियर में लाल-पीले निशान हर जगह मिल जाएंगे।
नाला एवं तालाबों की सफाई 250 अंक: शहर के नाला एवं तालाब पूरी तरह से साफ होने चाहिए, इनमें गंदगी नहीं होनी चाहिए, तालाबों में सफाई अभियान चलाया जाना चाहिए। ग्वालियर में नाले गंदगी से पटे हुए हैं, जबकि तालाबों में जलकुंभी एवं गंदगी भरी है।
एयर क्वालिटी 200 अंक: शहर की आबोहवा प्रदेश के सबसे प्रदूषित शहरों में शामिल हैं। ग्वालियर को एक्यूआई 200 के करीब रहता है, जो कि हानिकारक है।
स्वच्छ झुग्गी बस्ती व स्कूल परिसर 250 अंक: शहर की गंदी, व झुग्गी बस्ती स्वच्छ रहना चाहिए। साथ ही स्कूल परिसरों में भी गंदगी नहीं रहनी चाहिए। शहर में यह दोनों ही नहीं हो रहे हैं।

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