बेशकीमती एंटीक गहनों से सजे गोपाल मंदिर के राधा-कृष्ण

ग्वालियर। फूलबाग स्थित गोपाल मंदिर में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के मौके पर राधा-कृष्ण के श्री विग्रह को बेशकीमती एंटीक गहनों से सजाया गया। दोपहर ठीक 12 बजे पूजा-अर्चना और आरती के लिए मंदिर के पट श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए। इस मौके पर नगर निगम के सभापति मनोज तोमर, निगम आयुक्त अमन वैष्णव सहित सत्ता और विपक्ष के वरिष्ठ पार्षद और अधिकारी मौजूद रहे।
इससे पूर्व सोमवार सुबह त्रिस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था के साथ बैंक लाकर से गहनों को मंदिर लाया गया। एलबम से गहनों का मिलान किया गया। रात 12 बजे तक मंदिर में कार्यक्रम होंगे। इस दौरान मंदिर के आसपास लगभग 300 से ज्यादा जवान व अफसर तैनात किए गए हैं। सिंधिया रियासत के समय के इन गहनों में सोना, हीरा, नीलम, पन्ना, माणिक और पुखराज जैसे बेशकीमती रत्न जड़े हैं। यह बेशकीमती रत्न जड़े गहने भी सिंधिया घराने की देन हैं। पुलिस व नगर निगम आयुक्त अमन वैष्णव की निगरानी में सुबह गहने बैंक के लाकर से गोपाल मंदिर लाये गये।जहां सभापति मनोज सिंह तोमर, नेता प्रतिपक्ष हरिपाल, पार्षद अनिल सांखला, पूर्व पार्षद कृष्णराव दीक्षित व मंदिर के पुजारी ने राधा-कृष्ण का श्रृंगार किया गया।सुंदर पीतांबरी वस्त्र धारण कराने के बाद पन्ना जड़ित 55 लड़ी का हार पहनाया गया। राधा-कृष्ण को सोने का रत्न जड़ित मुकुट धारण कराया। भगवान श्रीकृष्ण को सोने की बांसूरी (जिसमें हीरे व माणिक जड़े हुए हैं) हाथ में थमाई गई।राधाजी को सोने की नत व अन्य गहने धारण कराये गये।पूजन के लिए चांदी के वर्तनों की साफ-सफाई कर रखा गया। बेश्कीमती गहनों से श्रृंगारित राधा-कृष्ण के दिव्य स्वरूप की नगर निगम आयुक्त व सभापति सहित अन्य लोगों ने आरती की। उसके बाद श्रद्धालुओं के दर्शनों के लिए मंदिर के पट खोल दिये। रात 12 बजे तक श्रद्धालु मंदिर दर्शन करेंगे और रात 12 बजे भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव की आरती करने के बाद गहनों की गिनती कर रात में कोषालय और सुबह बैंक के लाकर सुरक्षित रखवा दिये जायेंगे।