
ग्वालियर। जिले में साल में तीन बार हैरीटेज वाक व ट्रेकिंग होगी। साथ ही जिले के ऐतिहासिक व पुरातात्विक महत्व के स्थलों को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जाएगा। इन स्थलों में भदावना जलप्रपात, सालवाई की गढ़ी, भूतेश्वर मंदिर मेहगांव डबरा व नीम पर्वत उदयपुर सहित अन्य स्थल शामिल हैं। इस आशय का निर्णय कलेक्टर रुचिका चौहान की अध्यक्षता में आयोजित हुई डीएटीसीसी (जिला पुरातत्व, पर्यटन एवं संस्कृति परिषद) की बैठक में लिया गया। जिले के शहर व ग्रामीण क्षेत्र के विभिन्न पर्यटन स्थलों के विकास एवं पर्यटन गतिविधियों का प्रस्तुतिकरण भी बैठक में किया गया।
कलेक्ट्रेट के सभागार में बीते रोज आयोजित हुई बैठक में नगर निगम आयुक्त हर्ष सिंह, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी विवेक कुमार, स्मार्ट सिटी की सीईओ नीतू माथुर, ग्वालियर विकास प्राधिकरण के सीईओ नरोत्तम भार्गव, आइआइटीटीएम के प्राध्यापक डा. चंद्रशेखर बरूआ एवं डीएटीसीसी के नोडल अधिकारी अनुपम शर्मा सहित अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद थे। बैठक में तय किया गया कि जिले में भारतीय पर्यटन एवं यात्रा प्रबंधन संस्थान (आइआइटीटीएम) के सहयोग से साल में कम से कम तीन बार ट्रेकिंग एवं हैरीटेज वाक जैसे आयोजन किए जाएंगे। कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को यह आयोजन कराने के लिए आवश्यक तैयारियां व व्यवस्थाएं करने के निर्देश दिए। कलेक्टर एवं अन्य अधिकारियों ने ‘एमपी टूरिज्म क्विज प्रतियोगिता-2024’ के लिए मध्यप्रदेश पर्यटन बोर्ड द्वारा तैयार किए गए कैलेंजर ‘बूझो जानो, फिर देखो अपना मध्यप्रदेश’ का विमोचन भी इस अवसर पर किया। बैठक में जिले की पुरातत्व धरोहर एवं संस्कृति पर आधारित डाक्यूमेंट्री का प्रस्तुतिकरण भी किया गया।

