
ग्वालियर| स्कूलों की मनमानी का सिलसिला थम नहीं रहा है। कलेक्टर के आदेश को दस दिन गुजर चुके हैं। इसके बाद भी स्कूलों ने अभिभावकों से ठगी कर वसूली दस फीसद से अधिक राशि को अब तक नहीं लौटाया है और इधर, शिक्षा विभाग ने भी जांच को बीच में अटका दिया है। यह हालात तब है जब जिले के 1370 स्कूलों में से महज 35 की जांच की गई।
जिसमें तीन महीने का वक्त लग गया। यदि जिले के सभी निजी स्कूलों की जांच कराई जाए तो बड़ी गड़बड़ी उजागर होगी, लेकिन इन साठगांठ के स्कूलों की तरफ शिक्षा विभाग नजर तक नहीं घुमाना चाहता। क्योंकि शहर में कई ऐसे निजी स्कूल संचालित हो रहे हैं जिनमें ढेरों खामियां हैं। गौरतलब है कि निजी स्कूलों की मनमानी के खिलाफ अभिभावकों ने शिकायत की थी। जिस पर कलेक्टर रुचिका चौहान ने जांच कमेटी गठित की जांच शुरू कराई। जांच पूरी हुई तो पता चला कि तीन स्कूल जिन्होंने दस फीसद से अधिक फीस अभिभावकों से वसूली थी। जिसे लौटाने के आदेश जारी किया गया था। इसके अलावा 11 स्कूल ऐसे थे जिन्होंने फीस ना बढ़ाने की बात कही है उसकी जांच अधर में अटकी हुई है। जबकि जिन लोगों ने दस फीसद से कम फीस बढ़ाई उनकी तरफ ध्यान ही नहीं है।

