
ग्वालियर। ग्वालियर के महाराज बाड़ा स्थित डाकघर में संचालित मुसीबतों के पासपोर्ट केंद्र को शिफ्ट किया जाएगा। नवीन स्थान पर बेहतर सुविधाओं के साथ इसके संचालन में अब ज्यादा देर नहीं होगी। आमजन की परेशानियों को देखते हुए अब जिला प्रशासन ने आगे आकर संज्ञान लिया है। कलेक्टर रुचिका चौहान ने पासपोर्ट सेवा केंद्र के लिए बेहतर नए स्थलों की जानकारी संबंधित एजेंसियों से मांगी है।
डाकघर के अधिकारियों से संपर्क कर पासपोर्ट केंद्र की व्यवस्थाओं को लेकर प्रशासन चर्चा कर योजना तैयार करेगा। वहीं स्मार्ट सिटी सहित शहर के ऐसे स्थल जहां आसानी से केंद्र को ले जाया सकता है, इन स्थलों को सूचीबद्ध किया जा रहा है।शहर के बीचों बीच स्थित महाराज बाड़े पर स्थित पासपोर्ट सेवा केंद्र को बाहर शिफ्ट करने के लिए कुछ स्थानों पर संभावनाएं तलाशी जा रहीं हैं, जिसमें पहाड़ी पर बनी कलेक्ट्रेट, दस एकड़ में बना राजस्व भवन, मोती महल स्थित स्मार्ट सिटी कार्यालय में पासपोर्ट सेवा केन्द्र के लिए पर्याप्त स्थान उपलब्ध हो सकता है। इन सभी स्थानों पर आगंतुक को पहुंचने में जाम से होकर नहीं गुजरना पड़ेगा, साथ ही वाहन पार्किंग की पर्याप्त सुविधा होगी। ग्वालियर सहित शिवपुरी, दतिया, भिंड, मुरैना, श्योपुर जिले के आवेदक पासपोर्ट बनवाने के लिए ग्वालियर आते हैं। उन्हें इमरजेंसी में पासपोर्ट बनवाना होता है वह भोपाल और इंदौर के लिए निकल जाते हैं, जो लंबी प्रतीक्षा कर सकते हैं वह ग्वालियर का स्लाट लेते हैं। लेकिन पासपोर्ट सेवा केंद्र का विस्तार होगा तो इन छह जिले के आवेदकों को लंबी प्रतीक्षा से निजात मिल जाएगी।
महाराजबाड़े पर अभी ढाई सौ फीट के कमरे में पासपोर्ट सेवा केंद्र संचालित हो रहा है, जबकि भव्यता के साथ पासपोर्ट सेवा केंद्र के संचालन के लिए तीन से पांच हजार फीट जगह की आवश्यकता होगी। यदि इतनी जगह मिल जाती है तो पासपोर्ट सेवा केंद्र का विस्तार आसानी से हो सकेगा। जो दिव्यांग फ्रेंडली होने के साथ-साथ वहां पर कैफेटेरिया, आगंतुक कक्ष तैयार किया जा सकेगा और दस्तावेजों की फोटो कापी कराने के नाम पर उसे बार-बार भागदौड़ भी नहीं करनी पड़ेगी। बाड़े पर अभी एक सत्यापन आफिसर के साथ-साथ दो कर्मचारी दस्तावेज सत्यापन का काम कर रहे हैं। जगह की उपलब्धता के साथ ही स्टाफ बढ़ेगा और काउंटर की संख्या भी। इससे पिछले पांच साल से चल रही 30 से 40 दिन की वेटिंग से भी निजात मिल जाएगी।

