– संजय दीक्षित ने मुख्यमंत्री से की जाटव के खिलाफ कार्रवाई की मांग
अमृत सरोवर योजना में करोड़ों का घोटाला करने वाले अफसर बेखौफ हैं। अधीक्षण यंत्री आर.सी. जाटव दो महीने बाद रिटायर हो जाएंगे, लेकिन उन्हें न पेंशन रुकने का डर है, न सस्पेंड होने की चिंता। प्रमुख अभियंता एच.ए. जाधव की चिट्ठी ने खुद माना है कि बिना DPR, बिना टेस्ट करोड़ों लुटा दिए गए, फिर भी जाटव ने दोषियों के नाम दबा रखे हैं।
मध्य प्रदेश आरटीआई फाउंडेशन के अध्यक्ष एडवोकेट संजय दीक्षित ने मुख्यमंत्री से मांग करते हुए आरोप लगाया कि “आर.सी. जाटव ने करोड़ों का माल इकट्ठा करके रखा है। इनके लॉकर, बैंक खाते सील करके लोकायुक्त को छापा मारना पड़ेगा, तभी इनको झटका लगेगा।”
प्रमुख अभियंता जाधव की चिट्ठी: 4 बार मांगे नाम, जाटव ने नहीं दिए
प्रमुख अभियंता एच.ए. जाधव द्वारा अधीक्षण यंत्री आर.सी. जाटव, मंडल ग्वालियर को भेजे गए चतुर्थ स्मरण पत्र 3038/22/ग्रायांसे/2024 दिनांक 31.05.2024_ में कबूल किया गया है:
19.06.2022 को मुरार-डबरा के 5 कामों की जांच में 4 में गंभीर घोटाला मिला:
1. _DPR ही फर्जी:_ शासन के निर्देशानुसार सर्वे कर डी.पी.आर नहीं बनी।
2. _गलत मंजूरी:_ कार्यपालन यंत्री ने गलत तकनीकी स्वीकृति दे दी।
3. _बिना टेस्ट लूट:_ बिना सामग्री परीक्षण, बिना कम्पेक्शन टेस्ट करोड़ों का भुगतान ठोंक दिया।
4. _फर्जी एस्टीमेट:_ त्रुटि पूर्ण प्राक्कलन बनाया गया।
प्रमुख अभियंता ने 23.06.2022 से 4 बार “जिम्मेदार अधिकारियों/कर्मचारियों की जानकारी” मांगी। लेकिन पत्र में दर्ज है: “आज दिनांक तक चाही गई आवश्यक जानकारी इस कार्यालय को प्राप्त नहीं हुई है।”

संजय दीक्षित का सीधा वार: मुख्यमंत्री करें सीधी कार्रवाई
आरटीआई फाउंडेशन के अध्यक्ष एडवोकेट संजय दीक्षित ने मुख्यमंत्री से तत्काल हस्तक्षेप की मांग करते हुए कहा:
“अधीक्षण यंत्री आर.सी. जाटव 2 महीने बाद रिटायर हो रहे हैं। इन्हें कोई चिंता नहीं कि पेंशन रुकेगी या सस्पेंड होंगे। क्योंकि इन्होंने करोड़ों का माल इकट्ठा करके रखा है। प्रमुख अभियंता एच.ए. जाधव ने 4 बार पत्र भेजा, फिर भी जाटव ने दोषियों के नाम छुपाए। ये मिलीभगत नहीं तो क्या है?
मुख्यमंत्री जी, अब सिर्फ सस्पेंशन से काम नहीं चलेगा। आर.सी. जाटव के घर, लॉकर और बैंक खाते तत्काल सील किए जाएं। लोकायुक्त की टीम छापा मारे। जब तक इनकी काली कमाई जब्त नहीं होगी, तब तक इन्हें झटका नहीं लगेगा।”
आरटीआई फाउंडेशन की 5 सूत्रीय मांग:
1. तत्काल सस्पेंशन: जानकारी दबाने के आरोप में अधीक्षण यंत्री आर.सी. जाटव को तुरंत सस्पेंड कर पेंशन-ग्रेच्युटी रोकी जाए।
2. लोकायुक्त छापा: आर.सी. जाटव और दोषी कार्यपालन यंत्री के घर, लॉकर, बैंक खाते सील कर लोकायुक्त छापा मारे।
3. FIR दर्ज हो: बिना DPR-टेस्ट भुगतान करने वाले सभी अफसरों और ठेकेदारों पर आपराधिक केस दर्ज हो।
4. रिकवरी हो: गलत भुगतान की पूरी राशि दोषी अफसरों की संपत्ति बेचकर वसूली जाए।
5. जाधव जवाब दें: प्रमुख अभियंता एच.ए. जाधव बताएं कि 2 साल तक कार्रवाई क्यों नहीं हुई और जाटव पर क्या एक्शन लिया?
रिटायरमेंट के पहले वसूली होगी। मुख्यमंत्री को खुद संज्ञान लेना पड़ेगा। जनता का पैसा खाने वालों को जेल जाना पड़ेगा। आरटीआई फाउंडेशन अब लोकायुक्त के साथ हाईकोर्ट भी जाएगा,” संजय दीक्षित ने चेतावनी दी।
जनता का सवाल:
1. आर.सी. जाटव 2 महीने में रिटायर हो रहे हैं तो घोटाले की फाइल क्यों दबा रहे हैं?
2. प्रमुख अभियंता एच.ए. जाधव 4 पत्र के बाद भी जाटव पर कार्रवाई क्यों नहीं कर पाए?
3. मुख्यमंत्री अब तक जाटव पर एक्शन क्यों नहीं ले रहे?

