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ग्वालियर| दाल बाजार अब मिलावटखोरों का नया हॉट स्पॉट बनता जा रहा है। मुनाफाखोरी की होड़ में लोगों की सेहत से खिलवाड़ करने वालों ने अब मिलावट का तरीका भी बदल दिया है। मसालों का वजन बढ़ाने के लिए पहले जहां अवैध रूप से लकड़ी के बुरादे का इस्तेमाल किया जाता था, वहीं अब उसकी जगह स्टार्च ने ले ली है।
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खाद्य सुरक्षा विभाग की जांच में खुलासा हुआ है कि धनिया पाउडर में चावल का आटा मिलाकर उसका वजन बढ़ाया जा रहा है। मामले में संबंधित कारोबारी पर 20 हजार रुपए का जुर्माना लगाया गया है। ग्वालियर चंबल में मिलावट का मीटर हाई है, यहां भिंड, मुरैना से नजदीकी के चलते मिलावट का दूध, घी आम बात है। एक्सपर्ट्स की मानें तो लंब समय तक स्टार्च का सेवन करने से मोटापा बढ़ना तय है। यही नहीं इसकी अधिकता से किडनी सिकुड़ने की संभावना भी बेहद ज्यादा होती है। खाद्य सुरक्षा विभाग ने दाल बाजार स्थित एक पिसाई केंद्र से धनिया पाउडर का सैंपल लिया। इसी सैंपल की लैब जांच में स्टार्च की पुष्टि हुई है। विभाग ने उनके यहां से तीन सैंपल लिए थे, जिनमें दो पास हो गए, जबकि धनिया सैंपल फेल हो गया। खाद्य सुरक्षा निरीक्षक बीएस सिरोमणी ने बताया कि, धनिया में चावल का आटा मिलाया गया था।
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इसलिए बढ़ा स्टार्च का इस्तेमाल
बाजार विश्लेषकों के अनुसार मसाले महंगे होने के कारण थोड़ी-सी मिलावट से भी बड़ा मुनाफा कमाया जा सकता है। पहले हल्दी में चावल का आटा और धनिया में लकड़ी का बुरादा मिलाने के मामले सामने आते थे, लेकिन लकड़ी से वजन ज्यादा नहीं बढ़ता था। यही वजह है कि अब मिलावटखोर सीधे चावल के आटे यानी स्टार्च का इस्तेमाल करने लगे हैं। धनिया की पिसाई के दौरान चावल का आटा मिलाने से सामान्य उपभोक्ता के लिए मिलावट पहचान पाना लगभग असंभव हो जाता है।
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