– शहर और बस स्टैंड के बीच स्पष्ट कनेक्टिविटी नहीं, बसों के समय-निर्धारण पर भी भ्रम
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ग्वालियर। मल्लगढ़ा स्थित नए अंतरराज्यीय बस टर्मिनल से बसों का संचालन आधी-अधूरी तैयारियों के साथ शुरू हो गया है। यात्रियों की सुविधा के लिए शहर और बस स्टैंड के बीच स्पष्ट कनेक्टिविटी नहीं है और बसों के समय-निर्धारण पर भी भ्रम की स्थिति बनी हुई है। ऑपरेटरों की जिद के कारण बसों को पूरी तरह नए आईएसबीटी पर शिफ्ट करने के बजाय 15 दिन का ट्रायल शुरू किया गया है। भिंड, मुरैना, और लग्जरी वीडियो-कोच बसें पहले पुराने बस स्टैंड (रेलवे स्टेशन के पास) से रवाना हो रही हैं और फिर यात्रियों को बैठाने के लिए आईएसबीटी पहुंच रही हैं।
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शहर के विभिन्न हिस्सों से नए आईएसबीटी तक पहुंचने के लिए कोई पर्याप्त सिटी बस या ऑटो, टेंपो की उचित व्यवस्था नहीं है, जिससे यात्रियों को अतिरिक्त खर्च करना पड़ रहा है। ऑपरेटर पुराने बस स्टैंड से ही पूरा किराया वसूलने पर अड़े हुए हैं। ग्वालियर के मल्लगढ़ा में 77 करोड़ की लागत से बने नए अंतरराज्यीय बस टर्मिनल से 15 जून से बसों का संचालन शुरू किया गया है। प्रशासन ने शहर को ट्रैफिक जाम से मुक्ति दिलाने के लिए यह कदम उठाया है, लेकिन बुनियादी सुविधाओं और सही प्लानिंग की कमी के कारण यात्रियों और बस ऑपरेटरों दोनों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वर्तमान में केवल भिंड और मुरैना रूट की बसों तथा निजी लग्जरी वीडियो कोच बसों (दिल्ली, जयपुर, इंदौर, भोपाल जाने वाली) को नए आईएसबीटी पर शिफ्ट करने का निर्णय लिया गया है। दोहरा संचालन (15 दिनों का ट्रायल)रू ऑपरेटरों के विरोध के बाद तय हुआ है कि बसें पहले पुराने बस स्टैंड (रेलवे स्टेशन के पास) से रवाना होंगी। इसके बाद वे यात्रियों को बैठाने मल्लगढ़ा स्थित नए आईएसअीट पहुंचेंगी। कोई भी बस शहर के बीच से सीधे बायपास नहीं जा सकेगी।बऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर के निर्देशानुसार, सुबह 9 बजे से रात 9 बजे तक बसें नए आईएसबीट से संचालित होंगी, जबकि रात 9 बजे से सुबह 9 बजे तक पुराने बस स्टैंड का उपयोग किया जा सकेगा।
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- पब्लिक ट्रांसपोर्ट का अभाव: नए बस स्टैंड से मुख्य शहर की दूरी अधिक है। फिलहाल वहां तक जाने के लिए प्रशासन द्वारा ई-बस, ऑटो या टेम्पो का कोई पक्का रूट और किराया तय नहीं किया जा सका है।
- अतिरिक्त आर्थिक बोझ: ऑटो चालक मनमाना किराया वसूल रहे हैं, जिससे यात्रियों की जेब पर सीधा असर पड़ रहा है। वहीं बस ऑपरेटर पुराने बस स्टैंड से ही पूरा किराया वसूलने पर अड़े हैं.
- अवैध परिवहन: यातायात पुलिस और परिवहन विभाग द्वारा उन बसों पर सख्त कार्रवाई नहीं की जा रही है, जो नए नियम का उल्लंघन कर सीधे पुराने स्टैंड से ही निकल रही हैं।
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