
केंद्रीय दूरसंचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया आज दो दिवसीय दौरे पर ग्वालियर पहुंचे। यहां उन्होंने एयरपोर्ट से उतरते ही प्रेसवार्ता की। इस दौरान उन्होंने कहा आज आगरा एक्सप्रेसवे जो ग्वालियर को सिर्फ दिल्ली तक ही नहीं जुड़ेगा यह नॉर्थ साउथ कॉरिडोर से सीधे ग्वालियर को जोड़ेगा।
ग्वालियर से आगरा जाने में 2 घंटे लगते थे, लेकिन 2020-21 में यह आइडिया आया कि यमुना एक्सप्रेसवे के बाद हमारा भी एक्सप्रेसवे बनना चाहिए था। मैं गडकरी जी के पास गया था और आज मैं उसी के लिए उन्हें धन्यवाद देना चाहता हूं कि प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में जो असंभव कार्य है वह ग्वालियर के लिए करके दिखाया है। अब ग्वालियर आगरा एक्सप्रेसवे तैयार होगा। इस एक्सप्रेस वे पर 8 ब्रिज, 6 फ्लाय ओवर, 4613 करोड़ से यह बनकर तैयार होगा। भूमि का अधिकरण का काम भी शुरू कर दिया गया है। यह एक्सप्रेसवे हाई स्पीड कॉरिडोर होगी।ताकि जो यात्री ग्वालियर से दिल्ली जा रहा होगा 3:45 घंटे के अंदर या लगभग 3 घंटे के अंदर अपनी स्थान पर पहुंच सके।
वहीं, ग्वालियर काउंटर मैग्नेट औद्योगिक विकास के मामले में बनने जा रहा है। कई लोग मुझसे कहते थे कि कई प्राइवेट कंपनियों ने 4G नेटवर्क क्रियान्वित किया है तो बीएसएनएल ने यह क्यों नहीं किया। देश के अंदर यदि दूरसंचार कंपनी के जरिए यदि हमें 4G नेटवर्क लाना है तो हम चीन का इक्विपमेंट्स इस्तेमाल नहीं करेंगे। आत्मनिर्भर भारत के आधार पर भारत अपना खुद का 4G का इक्विपमेंट बनाएगा। रेडियो एक्सेस नेटवर्क का भारत अपनी टेक्नोलॉजी अपने अनुसंधान के आधार पर आप खुद बनाएगा और उसी के तहत अब हम खुद का 4G का नेटवर्क देश के उपभोक्ताओं को देंगे। उसके लिए हमें डेढ़ साल का लंबा वक्त लगा और भारत विश्व का पांचवा देश बन चुका है जिसका खुद की 4G की टेक्नोलॉजी है। टेक्नोलॉजी की टेस्टिंग हो चुकी है वह पूरी तरह से तैयार हो चुकी है।अब टावर लगाने का काम भी शुरू कर दिया गया है।तेजी से नेटवर्क सी डॉट भारत सरकारी कंपनी जिसने पूरी तरह से इसका कोर तैयार किया है।बीएसएनल इसका क्रियांवा कर रहा है अक्टूबर महीने तक देश के अंदर 80000 टावर हम लगा लेंगे और अगले मार्च तक बाकी 21000 टावर और लगा लेंगे, यानी 1 लाख टावर 4G के बीएसएनएल के नेटवर्क के मार्च 2025 तक लग जाएंगे। हमारा बीएसएनएल उपभोक्ता अपने मोबाइल पर 4G का उपयोग कर सकेगा।उसके बाद हम 4G से 5G तक पहुंचने का सफल जल्द ही तय करेंगे ताकि हम आत्मनिर्भर बन सके निश्चित भारत बना सकें।आज खुशी है कि बहुत सारे उपभोक्ता प्राइवेट कंपनियों को छोड़कर बीएसएनल पर वापस लौट कर आ रहे हैं।

