
भोपाल। अमरवाड़ा उपचुनाव में बीजेपी की जीत के बाद अब श्योपुर की विजयपुर सीट को लेकर सियासी गहमा-गहमी बढ़ गई है। विजयपुर सीट से कांग्रेस विधायक रामनिवास रावत बीजेपी में शामिल हो गए। एक सप्ताह पहले उन्हें मोहन यादव की कैबिनेट में मंत्री बना दिया है। मोहन यादव की कैबिनेट में जगह मिलने के बाद यह तय माना जा रहा है कि विजयपुर में होने वाले उपचुनाव में बीजेपी के उम्मीदवार रामनिवास रावत होंगे। इसी बीच इस सीट पर बगावती तेवर भी देखने को मिल रहे हैं। बीजेपी के सीनियर नेता और पूर्व विधायक सीताराम आदिवासी ने पार्टी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है और टिकट की दावेदारी पेश की है।
पूर्व विधायक सीताराम आदिवासी ने पार्टी को उपचुनाव से पहले ही चेतावनी दे दी है। आदिवासी सुमदाय में अच्छी पकड़ रखने वाले सीताराम आदिवासी का यह बयान बीजेपी और रामनिवास रावत के लिए मुश्किलें पैदा कर सकता है। सीताराम आदिवासी ने कहा कि यदि मुझे टिकट नहीं दिया तो परिणाम अच्छे नहीं होंगे। उन्होंने कहा कि विजयपुर विधानसभा सीट में रामनिवास रावत के समाज के मात्र 15 हजार वोटर हैं वहीं, मेरे समाज के 60 हजार से अधिक मतदाता हैं। पूर्व विधायक सीताराम आदिवासी ने पार्टी को धमकी भरे अंदाज में कहा है कि यदि विजयपुर विधानसभा सीट से मुझे टिकट नहीं दिया गया तो मैं कांग्रेस में भी चला जाऊंगा। मेरे कांग्रेस में जाने से भाजपा को बड़ा नुकसान उठाना पड़ेगा।” बता दें कि सीताराम आदिवासी की पहचान जमीनी नेता के तौर पर है। वह इस सीट से विधानसभा का चुनाव जीत चुके हैं। हालांकि उपचुनाव से पहले सीनियर नेता का यह बयान मुश्किलें बढ़ा सकता है।
बाबूलाल मेवरा ने भी दिखाए तेवर
साल 2023 में मध्य प्रदेश में विधानसभा के चुनाव हुए थे। इस चुनाव में विजयपुर विधानसभा सीट पर कांग्रेस के रामनिवास रावत को जीत मिली थी। भाजपा ने रावत के खिलाफ बाबू लाल मेवरा को टिकट दिया था। लेकिन उन्हें हार का सामना करना पड़ा था। अब बाबू लाल मेवरा के भी नाराजगी की खबरें आ रही हैं। फिलहाल उन्होंने पार्टी लाइन के खिलाफ कोई बयान नहीं दिया है लेकिन सूत्रों को कहना है कि पार्टी के इस फैसले से वह नाराज बताए जा रहे हैं।

