बदमाशों के आतंक से पुलिस पस्त, असुरक्षित हुआ शहर

ग्वालियर । जिले में अपराधियों के आतंक का आलम यह है कि पुलिस भी उनके आतंक को कम करने में असहाय नजर आने लगी है। हर रोज हत्या, लूट व फायरिंग की घटनाओं ने आमजन के मन में भय बना दिया है, जिससे लोग अपने आपको असुरक्षित महसूस करने लगे हैं। वैसे पुलिस ने कॉबिंग गस्त निकालकर अपनी मौजूदगी दिखाने की कोशिश की है ताकि बदमाशों में भय पैदा हो सके, लेकिन यह गस्त फिलहाल कारगर साबित नहीं हो रही है। कानून व्यवस्था के बिगड़े हालात को लेकर अब प्रभारी मंत्री भी चिंतित हैं। उन्होंने इस संबंध में पुलिस व प्रशासन के अधिकारियों की बैठक लेकर साफ शब्दों में कहा कि एनकाउंटर एक करो या 14 लेकिन बदमाशों का आतंक समाप्त होना चाहिए।
शहर की कानून व्यवस्था बेहतर बनाने का जिम्मा पुलिस प्रशासन पर होता है, लेकिन बदमाशों ने पुलिस की चुस्ती को पीछे कर दिया है। इस समय हालात यह है कि हत्या, लूट व फायरिंग की घटनाओं के साथ ही नशीले पदार्थ की जमकर तस्करी हो रही है और इसको रोकने के लिए प्रदेश सरकार भी सख्त निर्देश दे चुकी है, लेकिन उसके बाद भी मादक पदार्थों की तस्करी कम होने का नाम नहीं ले रही है। बदमाश हर रोज किसी न किसी घटना को अंजाम दे रहे हैं और पुलिस बाद में उनको पकड़ने के लिए सक्रियता तो दिखाती है, लेकिन घटनाओं को कम करने में पूरी तरह से असफल साबित हो रही किसी भी शहर में कानून व्यवस्था को बेहतर करने के लिए संबंधित थाना प्रभारी मुखबिर तंत्र के सहारे रहता है। मुखबिर तंत्र विकसित करने से शहर में क्या चल रहा है और कौन क्या करने वाला है उसकी जानकारी पुलिस तक पहुंचती रहती है, लेकिन अब स्थिति यह है कि पुलिस मुखबिर तंत्र को सक्रिय करने में काफी पीछे हो गई है। इसके पीछे कारण यह है कि मुखबिर को हर सुविधा देना पड़ती है, जिसके चलते थाना प्रभारी अपना खर्चा करने से बच रहे हैं। थाना क्षेत्र में घटना होने के बाद ही संबंधित थाना प्रभारी को जानकारी मिलती है। काफी समय पहले पुलिस अधिकारी मुखबिर पालते थे और उन्हीं के सहारे उन्हें शहर की पल-पल की जानकारी उपलब्ध होती रहती थी।
शहर में जिस तरह से बदमाश फायरिंग कर दहशत फैला रहे है और आए दिन हत्या व लूट की घटनाएं हो रही हैं, इसकी गूंज अब प्रदेश की राजधानी भी पहुंच गई है। कब किसके साथ लूट की घटना हो जाए, कहना मुश्किल हो गया है। ग्वालियर में 14 सितंबर को सराफा कारोबारी के साथ लूट की घटना के बाद मां-बेटी की हत्या भी उसी उद्देश्य से बदमाशों ने की थी। इसके बाद 10 नवंबर को फिर से एक सराफा कारोबारी को निशाना बनाया और उससे 6 लाख लूटे थे। 8 नवंबर को महाराजपुरा थाना क्षेत्र में रेत कारोबारी दशरथ राठौर से भदरौली रोड पर 90 हजार रुपए लूटे थे। इसके साथ ही हत्या की कई घटनाएं हो चुकी हैं, जिसको लेकर विपक्ष सरकार पर सवाल उठाने लगा है।