
श्योपुर. श्योपुर जिले में पिछले 24 घंटे घंटे से तेज बारिश हो रही है. इससे जिला मुख्यालय सहित असापास के क्षेत्रों में बाढ़ के हालात पैदा हो गए हैं. इसके कारण यहां का बंजारा डैम ओवरफ्लो होकर बहने लगा है. सीप नदी पर बने बंजारा डैम का पानी ओवर फ्लो होकर सड़क पर बहने लगा. इसके कारण यहां सड़क पर नदी बहने जैसा अहसास लोगों को हुआ. Friday रात को हुई तेज बारिश से बड़ोदा कस्बा टापू बन गया और बाजारों में पानी भर गया है. बड़ोदा कस्बे का संपर्क जिला मुख्यालय सहित अन्य जगहों से कट गया है. बड़ौदा नगर में अब तक 13 इंच से ज्यादा पानी गिर चुका है. घरों, स्कूलों, थाना और अस्पताल में पानी भर चुका है. लोग रात से छतों पर बैठे हुए हैं. एसडीओपी कार्यालय और थाना खाली करना पड़ा. सड़कों पर एक से दो फीट तक पानी बह रहा है. Collector और एसपी ने हालात का जायजा लिया है. एसडीआरएफ की टीम को बड़ौदा में तैनात है.
दरअसल, अंचल में मानसून सक्रिय होने से श्योपुर व Shivpuriके क्षेत्रों में रात से भारी बारिश हो रही है. बारिश की वजह से श्योपुर का कस्बाई क्षेत्र बड़ोदा टापू में बदल गया है. बाजार से लेकर हर जगह पानी भर गया है और कस्बे में आने जाने के लिए भी लोगों को परेशानी हो रही है. इसके साथ ही जिले का मानपुर कस्बे में सीप नदी का जलस्तर बढ़ने से संपर्क टूट गया है. बड़ोदा के एसडीओपी प्रवीण कुमार अष्ठाना ने बताया कि रातभर पानी बरसा है. इससे पूरे शहर और पानी भर गया है. मेरे ऑफिस और थाने में भी पानी भर गया है. बाजार में भी पानी भर गया है. प्रशासन ने व्यवस्था के निर्देश दिए हैं, उनके हिसाब से यहां व्यवस्थाएं की गई हैं. एसडीआरएफ की टीम तैनात कर दी गई है. साथ ही मानपुर के निचले इलाकों में भी पानी भर गया है. मानपुर कस्बे में सीप नदी का पानी आने से अस्पताल में पानी भर गया. इससे अस्पताल का रास्ता बंद हो गया, एसडीआरएफ टीम ने सेवापुर गांव निवासी महिला सुनीता पत्नी धनराज मीणा को दो अन्य महिला अटेंडरो के साथ रेस्क्यू कराया है. श्योपुर शहर में कदवाल नदी का जलस्तर बढ़ने से गुप्तेश्वर मंदिर डूब गया है. मंदिर में फंसे महंत को रेस्क्यू कर निकाला गया है. एसडीआरएफ की टीम बाढ़ के पानी में फंसे लोगों को घरों से रेस्क्यू कर रही है. इसके लिए सड़कों पर रॉफ्ट चलानी पड़ी.
लोगों का आरोप है कि विकास के नाम पर हर साल करोड़ों रुपये खर्च किए जाते हैं, लेकिन पानी निकासी के उचित इंतजाम अभी तक नहीं किए गए हैं. इस वजह से हर साल की तरह इस बार भी हालात खराब हुए हैं. बड़ौदा में नदी का पानी पुल और सड़कों के ऊपर से बह रहा है. आवागमन बंद होने से लोग अपने गंतव्य तक नहीं जा पा रहे हैं. बड़ोदा के बाजार में भी साढ़े चार फीट तक पानी भर गया है. इससे दुकानें नहीं खुलीं. दुकानदारों को सामान खाली करने का समय भी नहीं मिला. इस बारे में बड़ौदा एसडीओपी प्रवीण कुमार अष्ठाना का कहना है कि स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं, जरूरत पड़ने पर रेस्क्यू ऑपरेशन चलाएंगे.
श्योपुर शहर की जीवन दायनी कही जाने वाली सीप नदी पर बने बंजारा डैम ओवरफ्लो होकर बह रहा है.मानसून एक्टिव होने के बाद हुई 24 घण्टे की बारिश से ही डैम उफन गया है. डैम के ऊपर चादर चलने का दृश्य भले ही सुहावना नजर आ रहा है,लेकिन यहा की निचली बस्तियों के लोगो को डर भी सताने लगा है कि कहीं बस्तियों में डैम के और ज्यादा उफनाने से पानी ना भर जाए. हालांकि बंजारा डैम बीती रात जिले के जंगली क्षेत्रों में करीब 2 घन्टे हुई झमाझम बारिश से ओवर फ्लो हुआ है. बंजारा डैम के झलक जाने के बाद अब प्रशासन भी अलर्ट मोड पर आ गया है और प्रशासन ने यहाँ निगरानी बढ़ा दी है. श्योपुर एसडीएम सहित नगरपालिका के अधिकारी लगातर निरीक्षण कर नाले और नदियों की स्थिति का जायजा ले रहे हैं.

