
ग्वालियर। देश के कई महानगरों की तर्ज पर अब ग्वालियर में भी लोग ट्रेनों के कोच में बैठकर खानपान का आनंद ले सकेंगे। बस फर्क यह होगा कि ये कोच पटरियों पर दौड़ते हुए नजर नहीं आएंगे। रेलवे ने ग्वालियर में भी अब रेल कोच रेस्टोरेंट खोलने का प्लान तैयार किया है। इस प्रकार के रेस्टोरेंट आगरा, झांसी जैसे पड़ोसी जिलों के अलावा देश के कई शहरों में खोले गए हैं। इन रेल कोच को रेलवे द्वारा किराए पर दिया जाता है और इच्छुक कंपनी द्वारा रेस्टोरेंट का संचालन किया जाता है।
रेल मंडल झांसी ने ग्वालियर में भी कोचों को किराए पर देने का मन बनाया है। कोच के दोनों तरफ शानदार सजावट के साथ उसे आकर्षक बनाया जाएगा। ट्रेन में सफर करने के दौरान भोजन करने का आनंद अब शहर के गोला का मंदिर क्षेत्र में लिया जा सकेगा। ट्रेन के इस कोच को रेस्टोरेंट का रूप दिया जाएगा। गोला का मंदिर क्षेत्र का अधिकारियों ने सर्वे भी किया है। बताया जा रहा है कि जल्द ही इस पर काम शुरु होगा। रेलवे इन कोच को पांच साल के लिए किराए पर देगा इस दौरान रेलवे अपनी जमीन पर इसे रखकर किसी कंपनी को देगा। दरअसल, शहर में रेलवे स्टेशन के साथ मुरार में आरक्षण काउंटर बनाए हैं। इसमें गोला का मंदिर क्षेत्र में रेलवे के पास काफी जमीन खाली पड़ी है। रेलवे इसी जमीन पर अपना कोच रखकर यहां पर रेस्टोरेंट बनाकर देगा।
72 लोगों की बैठक क्षमता, मिलेगा कई व्यंजनों का स्वाद
इन रेल कोच रेस्टोरेंट का इंटीरियर बदला जाएगा। लेटने वाली बर्थों को हटाकर बैठने वाली सीटें लगाई जाएंगी। इसमें कुर्सियों की भी व्यवस्था होगी। जिस प्रकार एक कोच में 72 लोग सफर करते हैं, उसी तरह से रेस्टोरेंट के एक कोच में एक बार में 72 लोग बैठ सकेंगे। इस रेस्टोरेंट में कई प्रकार के व्यंजनों का आनंद मिल सकेगा। उदाहरण के तौर पर रेलवे द्वारा अनुबंध की शर्तों में यह भी उल्लेख किया जा सकता है कि मेन्यू में किसी विशेष आइटम को शामिल किया जाए। रेलवे द्वारा अभी तक प्रयागराज, लखनऊ, बरेली, वाराणसी, झांसी, आगरा कैंट, मिर्जापुर, गौतमबुद्ध नगर, दादरी जैसे शहरों में रेल कोच रेस्टोरेंट का प्रविधान किया गया है।

