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ग्वालियर। भारतीय रेलवे ने ग्वालियर रेलवे स्टेशन को तकनीकी रूप से आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक बड़ी सफलता हासिल की है। अब रेल इंजनों के महत्वपूर्ण विद्युत उपकरणों की मरम्मत और ओवरहॉलिंग का काम स्थानीय स्तर पर ही किया जाएगा। करीब 1 करोड़ 46 लाख रुपये की लागत वाली इस आधुनिक परियोजना के शुरू होने से अब ग्वालियर को तकनीकी कार्यों के लिए झांसी वर्कशॉप पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा।
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इस नई व्यवस्था के तहत रेल इंजनों में लगे 180 केवीए स्टैटिक इन्वर्टर और हिंद रेक्टीफायर सिस्टम की रिपेयरिंग, मेंटेनेंस और नवीनीकरण का काम ग्वालियर में ही सुचारू रूप से होगा। इससे पहले इन महत्वपूर्ण उपकरणों की मरम्मत के लिए इंजनों को झांसी भेजना पड़ता था, जिससे वे लंबे समय तक वर्कशॉप में खड़े रहते थे। इस देरी के कारण कई ट्रेनें प्रभावित होती थीं और आपातकाल में दूसरे स्टेशनों से इंजन मंगवाने पड़ते थे। अब स्थानीय स्तर पर मरम्मत होने से इंजनों का डाउनटाइम (खराब रहने का समय) काफी कम हो जाएगा। स्टैटिक इन्वर्टर रेल इंजन का एक बेहद संवेदनशील और महत्वपूर्ण हिस्सा है, जो इंजन के सहायक सिस्टम को लगातार और स्थिर बिजली की आपूर्ति करता है। ग्वालियर में ही इसकी हाईटेक मरम्मत होने से तकनीकी खराबियों की संभावना न्यूनतम हो जाएगी।
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