नवीनतम अपडेट्स के लिए bhaskarplus.com से जुड़े रहें!
ग्वालियर। एमआईटीएस संस्थान में फीस वृद्धि के खिलाफ अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषदऔर छात्रों का 9 घंटे से अधिक लंबा धरना प्रदर्शन चला। छात्र अपनी मांगों पर अड़े रहे और कॉलेज प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
नवीनतम अपडेट्स के लिए bhaskarplus.com से जुड़े रहें!
कॉलेज परिसर में शुरू हुआ यह धरना प्रदर्शन लगातार 9 घंटे से ज्यादा समय तक चला, जिसमें बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं शामिल हुए। छात्रों का आरोप है कि पिछले सत्र में जो फीस लगभग 6.25 लाख रुपये थी, उसे शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए बढ़ाकर 8.80 लाख रुपये कर दिया गया है। यह लगभग 28 प्रतिशत से ज्यादा की वृद्धि है। छात्रों का कहना है कि संस्थान को डीम्ड यूनिवर्सिटी का दर्जा मिलने के बाद से लगातार फीस बढ़ाई जा रही है और सुविधाएं कम की जा रही हैं। फीस के अलावा पार्किंग शुल्क और अन्य मदों में हो रही रोजाना की वसूली का भी छात्रों ने कड़ा विरोध किया है।
नवीनतम अपडेट्स के लिए bhaskarplus.com से जुड़े रहें!
एमआईटीएस में फीस वृद्धि के साथ-साथ नियुक्तियों में धांधली (भ्रष्टाचार) का मुद्दा भी छात्रों और एबीव्हीपी के आक्रोश की एक बड़ी वजह बन गया है। छात्रों का आरोप है कि कॉलेज प्रबंधन और कुलपति द्वारा नियमों को ताक पर रखकर अपने चहेते लोगों को अवैध रूप से नियुक्तियां दी गई हैं। इस 9 घंटे से अधिक चले लंबे धरने में छात्रों ने कुल 11 सूत्रीय मांग पत्र प्रशासन को सौंपा है, जिसमें मुख्य रूप से निम्नलिखित मांगें शामिल हैंः-
नवीनतम अपडेट्स के लिए bhaskarplus.com से जुड़े रहें!
- अवैध नियुक्तियों की जांच: गुपचुप तरीके से केवल ईमेल के माध्यम से सूचना देकर चहेते लोगों को नौकरी पर रखने के मामले की उच्च स्तरीय और वैधानिक जांच कराई जाए।
- जवाबदेही तय हो: नियुक्तियों में बड़े पैमाने पर बरती गई अनियमितताओं के लिए जिम्मेदार प्रबंधन अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई हो।
- फीस वृद्धि वापस हो: शैक्षणिक सत्र के लिए अचानक बढ़ाई गई भारी-भरकम फीस (28% से अधिक की वृद्धि) को तत्काल प्रभाव से निरस्त किया जाए।
- अवैध पार्किंग वसूली बंद हो: छात्रों से प्रतिदिन ली जाने वाली पार्किंग फीस और अन्य मदों के नाम पर हो रही अवैध वसूली पर पूरी तरह रोक लगे।
- सत्र लाभ की अनिवार्यता खत्म हो: डीम्ड यूनिवर्सिटी बनने के बाद थोपे गए ‘ईयर बैक’ और सत्र लाभ (Year Back system) के नियमों को लचीला बनाया जाए ताकि छात्रों का साल बर्बाद न हो।
- कैंपस में मूलभूत सुविधाएं: बढ़ी हुई फीस के बावजूद कॉलेज में मूलभूत सुविधाओं और तकनीकी उपकरणों की कमी को दूर किया जाए।
- परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता: रिजल्ट और मूल्यांकन प्रक्रिया को पारदर्शी बनाया जाए ताकि छात्रों का भविष्य प्रभावित न हो।
नवीनतम अपडेट्स के लिए bhaskarplus.com से जुड़े रहें! यहां पढ़ें News और पाएं Breaking News in Hindi हर पल की जानकारी । हर ख़बर सबसे पहले आपके पास, क्योंकि हम रखते हैं आपको हर पल के लिए तैयार। जुड़े रहें हमारे साथ और बने रहें अपडेटेड!

