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स्वच्छता को लेकर उच्च न्यायालय का सख्त रूख, नगर निगम दान के लिए लिखे पत्र

– पार्षदों से लेंगे एक-एक टिपर, विधायकों से लेंगे सहायता राशि

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ग्वालियर। स्वच्छता को लेकर चल रही जनहित याचिका की सुुनवाई में नगर निगम द्वारा बजट का रोना रोने को लेकर उच्च न्यायालय सख्त रूख अपना चुका है। इसके चलते उच्च न्यायालय ने पहले शहर में एकत्रित होने वाले सम्पत्तिकर का उपयोग केवल स्वच्छता में करने का निर्णय दिया था। अब जनहित याचिका 1653/2003 में उच्च न्यायालय ने नया आदेश दिया है। इस आदेश के तहत अब नगर निगम को अपना इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करने के लिए विधायकों से उनकी मौलिक निधि से पैसे मांगने होंगे। साथ ही प्रत्येक पार्षद को पत्र लिखकर एक-एक टिपर वाहन मांगना होगा। इसके साथ ही शासन द्वारा अनुदान प्राप्त सभी महाविद्यालयों, स्कूल एवं विश्वविद्यालयों में दान के लिए पूरा ब्योरा लिखकर क्यूआर कोड लगाने का निर्देश दिया है।

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शहर में स्वच्छता की स्थिति खराब है, स्वच्छता को लेकर उच्च न्यायालय में चल रही जनहित याचिका में नगर निगम को बार-बार लताड़ लग रही है। नगर निगम ने पूर्व में कहा था कि उनके पास बजट की कमी है। इसके चलते उच्च न्यायालय ने नगर निगम द्वारा वसूले जाने वाले सम्पत्तिकर को केवल स्वच्छता में खर्च करने का निर्णय दिया था। इसके लिए नगर निगम ने अलग से कोटक महिंद्रा बैंक में खाता भी खोल लिया था। अब उच्च न्यायालय ने नया आदेश जारी किया है। इस आदेश के तहत नगर निगम को अपने यहां पर टिपर वाहनों की संख्या बढ़ाने के लिए पार्षदों को पत्र लिखकर उनसे मौलिक निधि मांगनी होगी। नगर निगम में 66 पार्षद हैं, इन सभी पार्षदों से एक-एक टिपर वाहन की राशि ली जाए तो शहर में 66 टिपर वाहन बढ़ जाएंगे। जिससे डोर टू डोर कचरा कलेक्शन का कार्य तेज गति से और बेहतर ढ़ंग से हो पाएगा।

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विधायक निधि से बनाएं इंफ्रास्ट्रक्चर
उच्च न्यायालय द्वारा जारी निर्देश में कहा गया है कि ग्वालियर नगर निगम सीमा में चार विधायक हैं, नगर निगम चारों विधायकों को पत्र लिखकर उनसे मौलिक निधि में से पैसे ले। इस पैसे का उपयोग नगर निगम इंफ्रास्ट्रक्चर को विकसित करने में करे।

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कॉलेज, विश्वविद्यालय में लगाए क्यूआर कोड
उच्च न्यायालय ने निर्देश दिया है कि शासकीय अनुदान प्राप्त प्रत्येक विश्वविद्यालय, महाविद्यालय में अलग से स्थान बनाया जाए। जिस पर स्वच्छता को बढ़ावा देने का संदेश लिखा जाए। इसके साथ ही नगर निगम का क्यूआर कोड भी लगाया जाए। जिससे दानदाता ऑनलाइन पैसे नगर निगम के खाते में भेज सकें।

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इंदौर जैसी चाहिए सफाई
उच्च न्यायालय द्वारा ग्वालियर नगर निगम को लगातार फटकार लगाई जा रही है। इस फटकार के तहत उच्च न्यायालय पूर्व में इंदौर को लेकर ग्वालियर को नसीहत दे चुका है। इसके साथ ही इंदौर की एक्सपर्ट टीम को ग्वालियर बुलवा कर उनसे ग्वालियर स्वच्छता का आंकलन कराया था। इस दौरान टीम ने बताया था कि ग्वालियर नगर निगम की प्लानिंग ठीक  नहीं है।

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