पिकनिक मनाने के लिए जा रहे हैं तो सावधान रहें, सेल्फी के चक्कर में आफत न आ जाए

ग्वालियर। बारिश का मौसम शुरू हो चुका है। बारिश के मौसम में ग्वालियर और आसपास के वाटरफाल पर भीड़ उमड़ने लगती है। लोग अपने परिवार के साथ यहां एंजाय करने पहुंचते हैं। अगर आप भी पिकनिक मनाने के लिए जा रहे हैं तो सावधान रहें, लगभग हर साल यहां हादसे होते हैं। हालांकि प्रशासन सुरक्षा के पर्याप्त इंतजामों के दावे करता है, लेकिन हकीकत में यह नाकाफी ही रहते हैं।
ग्वालियर और शिवपुरी जिले के बार्डर पर स्थित है सुल्तानगढ़ फाल। बारिश में यहां तक पहुंचने का रास्ता काफी खराब हो जाता है। जगह-जगह पानी भर जाता है, कच्चे रास्ते कीचड़ में तब्दील हो जाते हैं, जहां छोटी गाड़ियां तो फंस ही जाती हैं। इस वाटर फाल पर सबसे ज्यादा खतरनाक स्थिति है, क्योंकि यहां फिसलन भरी चट्टानें हैं और पानी का बहाव कब बढ़ जाता है, कुछ पता ही नहीं लगता। यहां चट्टानों के ऊपर से पानी बहने लगता है। यहां लगातार हादसे होते रहते हैं। तिघरा बांध के पीछे नलकेश्वर मंदिर की ओर बांध की गहराई अधिक है। अक्सर लोग यहां नशाखोरी करने के बाद पानी में उतर जाते हैं। यहां पानी में कब गहराई अधिक आ जाती है, पता नहीं लगता और लोग पानी में डूब जाते हैं। सबसे ज्यादा हादसे यहां होते हैं। यहां बारिश के मौसम में समूहों में जाने वाले लोग बहुत जाते हैं। पीछे का हिस्सा होने के चलते यहां तक पुलिस भी नहीं पहुंचती, इसलिए लोग यहां शराबखोरी भी करते हैं।भदावना वाटरफाल पर भी बारिश में जमकर भीड़ होती है। यहां शिव मंदिर पर सावन के महीने में श्रद्धालु आते हैं। यहां रास्ता असुरक्षित है। अंधेरा होने के बाद यहां बदमाश सक्रिय हो जाते हैं। पिछले साल घटनाएं भी हुई थीं। इसलिए यहां अगर जा रहे हैं तो दिन में ही यहां जाएं। दूसरा यहां चट्टानों पर सांप अधिक हैं, अचानक सांप आ जाते हैं। सर्पदंश की घटनाएं यहां अधिक होती हैं।