भगवान शनिदेव का प्राकट्य उत्सव 6 जून को

ग्वालियर। जयेष्ठ मास की वट सावित्री अमावस्या छह जून को भगवान शनिदेव का प्राकट्योत्सव पूर्ण श्रद्धाभाव के साथ मनाया जायेगा। रामायणकालीन भगवान शनिदेव का मंदिर मुरैना जिले के एंती पर्वत पर होने के कारण भगवान शनिदेव का ग्वालियर-चंबल अंचल में विशेष महत्व है।
नगर में ट्रांसपोर्ट नगर, दाल बाजार,कटी घाटी,शिवाजी पार्क व थाटीपुर स्थित रामजानकी मंदिर में शनिदेव के प्राचीन मंदिर हैं। शनिदेव के प्राकट्योत्सव दिवस पर मंदिरों पर भगवान शनिदेव के सरसों के तेल से अभिषेक सहित विशेष आयोजन किये जाते हैं। ज्योतिष विद्वानों के अनुसार भगवान शनिदेव न्याय के देवता और कर्मफल दाता अवश्य है। किंतु फलदायी भी है। ज्योतिषाचार्य ने बताया कि पौराणिक मान्यताओं के अनुसार इसी दिन शनि देव का प्राकट्य जयेष्ठ अमवास्याको हुआ था। थशनि को कर्मफल दाता और न्याय का देवता कहा जाता है। इसी के कारण हर एक व्यक्ति को जीवन में कभी न भी शनि की महादशा, साढ़ेसाती और ढैय्या या फिर दोष का सामना करना पड़ता है।