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ग्वालियर। नगर निगम में कुछ इंजीनियरों और कर्मचारियों के पास मलाईदार और एकाधिक विभागों का अतिरिक्त प्रभार प्रभार है, जो जुगाड़ से अहम पदों पर बैठे हैं। इसमें कई इंजीनियर तो ऐसे है जिनके पास डिग्री तक नहीं है और जो डिग्रीधारी है वह लूपलाइन में है।
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नगर निगम के कुछ इंजीनियर और कर्मचारी दो या उससे अधिक महत्वपूर्ण विभागों का चार्ज संभाल रहे हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार इन कर्मचारियों को नियम विरुद्ध या जुगाड़ से महत्वपूर्ण जोन या विभागों का प्रभार दिया गया है। जबकि निगम पहले से ही आर्थिक संकट से जूझ रहा है और ठेकेदारों का करोड़ों का भुगतान बकाया है, ऐसे में चुनिंदा लोगों को प्राथमिकता मिलने के आरोप भी लग रहे हैं। यह स्थिति नगर निगम के सुचारू संचालन और जिम्मेदारियों के समान वितरण को लेकर प्रशासनिक चुनौतियों को दर्शाती है। इसमें कई इंजीनियर तो ऐसे है जिनके पास डिग्री तक नहीं है वह सिर्फ डिप्लोमाधारी है और जो डिग्रीधारी है वह लूपलाइन में है। जबकि निगम के कई डिप्लोमाधारी इंजीनियरों पर जनहित के कार्यों तक का जिम्मा है। अतिरिक्त प्रभार और अत्याधिक कार्यभार के बीच भ्रष्टाचार और लापरवाही के मामले भी बढ़े हैं। जुलाई 2025 में महल रोड धंसने के मामले में प्रभारी कार्यपालन यंत्री पवन सिंघल और सुरेश अहिरवार को निलंबित किया गया था, जिन्हें बाद में बहाल कर दिया गया।
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