गौरवशाली परंपरा और सांस्कृतिक चेतना का पर्व आदि उत्सव 4 मई सेः सांसद कुलस्ते


ग्वालियर। मध्यप्रदेश के मण्डला जिले में स्थित गोंड राजाओं की ऐतिहासिक भूमि ने सदियों से जनजातीय गौरव, संस्कृति, लोक-कला और परंपराओं को आत्मसात कर देश और दुनिया को प्रेरणा दी है। इस विरासत को जन-जन तक पहुँचाने तथा जनजातीय जीवनशैली को सम्मान प्रदान करने के उद्देश्य से वर्ष 2015 से आदि उत्सव का आयोजन किया जा रहा है।


सांसद मण्डला फग्गन सिंह कुलस्ते एवं प्रदेश सरकार में मंत्री श्रीमती सम्पतिया उइके ने बताया कि आदि उत्सव जनजातीय समुदाय की भाषा, लोककला, परंपरागत ज्ञान, रीति-रिवाज एवं सांस्कृतिक मूल्यों को संजोने और उसे मंच प्रदान करने का एक पवित्र प्रयास है। इस उत्सव ने न केवल संस्कृति का संरक्षण किया है, बल्कि जनजातीय समाज के स्वाभिमान को भी नई ऊँचाई प्रदान की है। इस गौरवशाली परंपरा को आगे बढ़ाते हुए इस वर्ष का आदि उत्सव 2025 4 एवं 5 मई को भव्य स्तर पर आयोजित किया जा रहा है। इसमें भारत के कोने-कोने से जनजातीय कलाकार, साहित्यकार, विद्वान एवं संस्कृति प्रेमी सम्मिलित होकर इस विरासत को साझा करेंगे।