![]()
नवीनतम अपडेट्स के लिए bhaskarplus.com से जुड़े रहें!
ग्वालियर। सरकारी राशन घोटाले की खबरें तो आपने कई बार सुनी होंगी, लेकिन ग्वालियर में पीडीएस में फर्जीवाड़े की एक अलग ही तस्वीर सामने आ रही है। यहां हितग्राहियों को मिलने वाले राशन के बदले पीडीएस केंद्र संचालक द्वारा लोगों को रुपए थमाए जा रहे हैं। इसे लेकर एक वीडियो भी सामने आ चुका है, जिसने व्यवस्थाओं के साथ-साथ शासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए हैं। हालात यह हैं कि गरीबों के निवाले पर डाका डाला जा रहा है और राशन दुकान पर 10 लाख की राशि की गोलमाल कर लिया गया। अब इसके पीछे किसका हाथ और संरक्षण है यह सवाल विभाग के अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर प्रश्नचिन्ह लगाता है।
नवीनतम अपडेट्स के लिए bhaskarplus.com से जुड़े रहें!
सरकारी राशन दुकानों से गरीबों को राशन उपलब्ध कराया जाता है, लेकिन उसके पीछे सोच कुछ अलग बनी हुई है, यही कारण है कि गरीबों को राशन देने की जगह उनको अगले माह आने की बात कहकर टरका दिया जाता है और बाद में कह दिया जाता है कि अब आपके हिस्से का माल तो कोई ले गया। इस तरह के मामलों को लेकर कई बार शिकायतें होती रही हैं, जिसको लेकर कलेक्टर टीएल बैठक में अधिकारियों को सख्त निर्देश भी दे चुकी हैं, लेकिन उस निर्देश का असर संबंधित विभाग के अधिकारियों पर नहीं हो रहा है, जिसके कारण राशन दुकान व संबंधित विभाग के अधिकारियों की मिलीभगत से लाखों का गोलमाल किया जा रहा है। पूरा मामला ग्वालियर के वार्ड क्रमांक 18 स्थित शताब्दीपुरम इलाके का है। यहां संचालित दुकान नंबर 225 अनुज प्राथमिक सरकारी भंडार शताब्दीपुरम में केंद्र संचालक द्वारा पीडीएस राशन वितरण की जगह हितग्राहियों से अंगूठा लगाकर 100 रुपया प्रति सदस्य के हिसाब से रुपए देकर राशन को अपने हिसाब से बेच दिया जाता है। केंद्र संचालक द्वारा यहां यदि किसी हितग्राही के घर पांच सदस्य हैं तो महीने में मिलने वाले राशन के बदले उन पांच सदस्यों के लिए 500 रुपए थमा दिए जाते हैं।
नवीनतम अपडेट्स के लिए bhaskarplus.com से जुड़े रहें!
इस तरह गरीबी रेखा से नीचे आने वाले लोगों को मिलने वाले मुफ्त राशन का गबन लंबे समय से किया जा रहा है। यह मामला किसी एक उपभोक्ता भंडार का नहीं है बल्कि कई अन्य दुकानें भी इसी तरह से खेल कर गरीबों के निवाले पर डाका डाल रही हैं। अब यह गरीबों के साथ अन्याय उस स्थिति में हो रहा है, जब उपभोक्ता भंडार की दुकानों की जांच करने का जिम्मा जिला खाद्य एवं आपूर्ति खाद्य विभाग का है और वह कार्रवाई करने की बात भी कई बार कलेक्टर की बैठक में कह चुके हैं। शहर में 43 उचित मूल्य की दुकानें ऐसी हैं, जिनके संचालक, सेल्समैन अधिकारियों की मिलीभगत से करोड़ों का घोटाला कर चुके हैं। इसको लेकर वसूली के आदेश भी हो चुके हैं, लेकिन रिकवरी नहीं की जा सकी है। कलेक्टर भी टीएल बैठक में कई बार संबंधित विभाग के अधिकारियों को रिकवरी करने के निर्देश दे चुकी हैं, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। ऐसे में गरीबों को निवाले पर डाका डालने का खेल अभी भी चल रहा है।
मध्य प्रदेश नवीनतम अपडेट्स के लिए bhaskarplus.com से जुड़े रहें! यहां पढ़ें MP News और पाएं MP Breaking News in Hindi हर पल की जानकारी । मध्य प्रदेश की हर ख़बर सबसे पहले आपके पास, क्योंकि हम रखते हैं आपको हर पल के लिए तैयार। जुड़े रहें हमारे साथ और बने रहें अपडेटेड!

