
ग्वालियर । परिवहन विभाग द्वारा वाहन फिटनेस का काम प्राइवेट हाथों में देने से अब फीस के अलावा उतनी ही राशि अलग से देना पड़ती है, तब जाकर वाहन को फिटनेस सर्टिफिकेट मिलता है। इसको लेकर ऑटो यूनियन के पदाधिकारी अपर परिवहन आयुक्त से शिकायत भी कर चुके हैं, लेकिन उसके बाद भी अतिरिक्त फीस वसूली पर कोई रोक नही लग सकी है।
वाहन फिटनेस कराने के लिए अलग-अलग फीस निर्धारित है। इस फीस को ऑनलाइन जमा कराया जाता है, लेकिन फिटनेस सेंटर पर जब वाहन पहुंचता है तो उसे अंदर कर लिया जाता है और जितने की ऑनलाइन फीस जमा कराई जाती है उतनी ही राशि अलग से मांगी जाती है। अतिरिक्त राशि न देने पर वाहन का फिटनेस निरस्त कर दिया जाता है जिसके बाद अलग से फिटनेस कराने फिर उतनी ही फीस ऑनलाइन जमा कराना होती है जिसके चलते वाहन मालिक को अतिरिक्त फीस देना पड़ती है। मजेदार बात तो यह है कि फिटनेस सेंटर के अंदर वाहन तो कर लिया जाता है पर वाहन मालिक व चालक को अंदर नहीं जाने दिया जाता जिसके कारण क्या कमी है यह सिर्फ सेंटर पर काम करने वाले ही जान सकते हैं और बाहर आकर वह जो बताते हैं, उसी को मानने के लिए बाध्य होना पड़ता है। ऑटो की फिटनेस कराने के लिए फीस 708 रुपए है जो ऑनलाइन जमा करनी होती है, उसके बाद उतनी ही राशि अलग से देना पड़ती है तब कहीं जाकर फिटनेस मिलती है। ऑटो यूनियन के पदाधिकारी का आरोप है कि बेदांती फिटनेस सेंटर पर इस समय खुलकर लूट चल रही है। उन्होंने कलेक्टर से लेकर अपर परिवहन आयुक्त तक से शिकायत की, लेकिन उसके बाद भी फिटनेस के नाम पर अतिरिक्त फीस वसूली का काम बंद नहीं हुआ है। शिकायत फिलहाल ठंडे बस्ते में ही चली गई है।

