
ग्वालियर। कलेक्ट्रेट के पीछे स्थित पंजीयन कार्यालय के सामने की जमीन सरकारी निकली है। कलेक्टर रुचिका चौहान के निर्देश पर तहसीलदार अनिल राघव ने सर्वे नम्बरों का जांच की थी। जमीन की पड़ताल में सामने आया कि जिस इमारत में सर्विस प्रोवाइडरों की दुकानें है वह सरकारी है। इसके अलावा आसपास की जमीन पर भी अवैध रूप से कब्जा है। जिस इमारत में सर्विस प्रोवाइडर काबिज हैं वह इमारत राजकमल बिल्डर की है।
बताया गया कि शासकीय जमीन के खसरों में कांट-छांट कर राजकमल बिल्डर ने अवैध रूप से उसे निजी करा लिया और अवैध निर्माण कर दुकानें बेच दी। इसलिए अब सोमवार को सर्विस प्रोवाइडरों को नोटिस जारी कर दुकान खाली कराने के निर्देश दिए जाएंगे। दुकान खाली होने के बाद नियम अनुसार दुकानों को तोड़ा जाएगा। बता दें कि गुरुवार को कलेक्टर रुचिका चौहान ने पंजीयन कार्यालय का निरीक्षण किया था। जहां उनके पहुंचते ही कई सर्विस प्रोवाइडर दुकानों में ताला डालकर भाग गए थे। इसके बाद कलेक्टर को संदेह हुआ और कलेक्टर ने सर्विस प्रोवाइडरों की सूची मांगी थी। इतना ही नहीं सर्वे क्रमांक 200 पर बनी इस इमारत की जमीन को 2019 में शासकीय घोषित किया गया था, इसके बाद मामला कोर्ट में पहुंचा था।

