क्या वजह कि वर्षों से जमे निगम अफसरों का नहीं होता तबादला?, शिकायत सीएम-मंत्री तक

(धीरज बंसल)
ग्वालियर। नगर निगम में वर्षों से निगम अफसरों का तबादला क्यों नहीं हो पा रहा है? इसकी वजह अब तक समझ नहीं आ पा रही है। निगम कमिश्नर समय-समय पर बदलते रहते है। परंतु नगर निगम में वर्षों से पदस्थ अधिकारियों का तबादला क्यों नहीं होता? एक विशेषज्ञ की माने तो इन अधिकारियों की सब जगह सेटिंग रहती है। क्योंकि इन पर ही सब जगह मलाई परोसने का जिम्मा रहता है।
ग्वालियर नगर निगम अपने आप में अनूठा है। यहां जमे अधिकारियों का तबादला ही नहीं होता। इन अधिकारियों ग्वालियर नगर निगम इतनी रास आती है कि यह खुद भी तबादला नहीं चाहते है और ना ही होने देते हैं। यह अधिकारी सबको खुश करके चलते है। इनको पता है कैसे वसूली कर मलाई को सभी जगह बांटना है। यह अनुभवी है और इनकी पकड़ मजबूत है। अब आप ही देख लीजिये लंबे समय से पार्क अधीक्षक अपनी कुर्सी पर जमे है। इनका तबादला दूसरे निगम में आज तक नहीं हो पाया। यही हाल अन्य निगम के अन्य विभागों का भी है। किसी अधिकारी का तबादला नहीं होता है। वस कमिश्नर बदलते रहते है और इन अधिकारियों में जाने क्या जादू है वह कमिश्नर महोदय को भी अपनी चुपडी चुपड़ी बातों में उलझा लेते है। अब देखना यह है कि नये नवेले कमिश्नर साहब क्या इन अधिकारियों को कैसे मैनेज करते है। वैसे ग्वालियर नगर निगम अपने हर काम में निराली है। भ्रष्टाचार के अकंठ में लंबे समय से डूबे अधिकारियों का कब तबादला होगा कोई नहीं बता सकता। मुख्यमंत्री, नगरीय प्रशासन मंत्री तक शिकायते हो चुकी है, परंतु अब तक अधिकारियों के तबादलों पर कोई एक्शन हुआ नहीं है। देखना है आगे क्या होता है?