रक्षाबंधन त्योहार के नजदीक आते ही मिलावटी मावा व पनीर का गंदा खेल…..

ग्वालियर। रक्षाबंधन त्योहार के नजदीक आते ही सफेद जहर का गंदा खेल शुरू हो गया है। भिंड-मुरैना में बनने वाले मिलावटी मावा व पनीर की सप्लाई चोरी छिपे हो रही है। सफेद दूध के इस काले धंधे का नेटवर्क दिल्ली, महाराष्ट्र, अहमदाबाद तक फैला हुआ है, जिसे बस व ट्रेन के जरिए यहां तक पहुंचाया जाता है।
मिलावटखोर मावा व पनीर को रैकी कर सुरक्षित बस-ट्रेन तक पहुंचाते हैं। इसकी भनक खाद्य सुरक्षा प्रशासन को नहीं लगती। मिलावटखोरों के आगे विभाग का मुखबिर तंत्र भी फेल है। महीने में एक-दो बार ही खाद्य सुरक्षा प्रशासन की पकड़ में मावा-पनीर आ पाता है, जबकि हर दिन एक से डेढ़ क्विंटल से अधिक मावा की सप्लाई ग्वालियर से दूसरे राज्यों तक हो रही है। भिंड जिले में रजिस्टर्ड डेयरियां भले ही 126 हैं, लेकिन 70 से 80 डेयरियां अवैध तरीके से संचालित हैं। डेयरियों पर रोजाना एक डेयरी पर एक से डेढ़ क्विंटल मावा तैयार किया जाता है। यहां तैयार मावे को दिल्ली, महाराष्ट्र, अहमदाबाद व अन्य दूसरे राज्यों में ग्वालियर के रास्ते भेजा जाता है।
ग्वालियर तक मावे को पहुंचाने के लिए बस, लोडिंग ऑटो का इस्तेमाल किया जाता है। साथ ही इसे गांव के रास्ते ही सुरक्षित ग्वालियर तक लाया जाता है। ज्यादातर रात के समय ही माल ग्वालियर तक पहुंचाया जाता है। इस पर अंकुश लगाने के लिए न कभी नाकाबंदी की गई और न ही प्रभावी चेकिंग हुई। यही कारण है कि मिलावटखोरी का नेटवर्क दूसरे राज्यों तक फैल चुका है।