शताब्दी, वंदे भारत एक्सप्रेस जैसी प्रीमियम ट्रेनों के लिए ग्वालियर में होंगे दो बेस किचन

ग्वालियर। शहर में इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कार्पोरेशन (आइआरसीटीसी) ने अब तीन प्रीमियम लक्जरी ट्रेनों के लिए दो बेस किचन कर दिया है। पहले एक ही परिसर में शताब्दी, भोपाल वंदे भारत एक्सप्रेस और गतिमान एक्सप्रेस के यात्रियों के लिए खाना तैयार होता था, लेकिन अब इन्हें अलग-अलग कर दिया गया है।
शताब्दी और भोपाल वंदे भारत एक्सप्रेस के लिए साकेत नगर में अलग बेस किचन तैयार किया गया है, जबकि गतिमान एक्सप्रेस के लिए अलग किचन में खाना तैयार होगा। ये निर्णय खाने की गुणवत्ता को बरकरार रखने के लिए किया गया है। इसी प्रकार झांसी में भी दो अलग बेस किचन तैयार कर दिया गया है। अभी तक ट्रेनों में भोजन उपलब्ध कराने वाली फर्म की जिम्मेदारी आईआरसीटीसी की होती थी। गड़बड़ी होने पर आईआरसीटीसी ही उन पर जुर्माना लगाती थी। ऐसे में फर्म संचालकों पर कुछ खास असर दिखाई नहीं दिया, लेकिन अब रेलवे का वाणिज्य विभाग भी बेस किचन को एनओसी देगा। साथ ही समय-समय पर उसका औचक निरीक्षण भी करेगा।
गौरतलब है कि गत 20 जून को रानी कमलापति-हजरत निजामुद्दीन वंदे भारत एक्सप्रेस में यात्रा कर रहे पति-पत्नी को ट्रेन में IRCTC ने दाल और परांठा परोसा था। जब यात्री ने भोजन का पैकेट खोला, तो उसमें मरा हुआ काकरोच निकला। इस मामले में IRCTC ने भोजन सप्लाई करने वाली फर्म पर 50 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया था।