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पश्चिम बंगाल में 15 साल बाद सत्ता परिवर्तन तय दिख रहा है। ममता बनर्जी की टीएमसी की विदाई और भाजपा की पहली बार सरकार बनने की तैयारी में है। इस बड़े बदलाव के कई मुख्य कारण हैं। फिर चाहे वो 15 साल की सत्ता विरोधी लहर हो या फिर बदहाल कानून-व्यवस्था। संदेशखाली और आरजी कर जैसी घटनाओं ने भी महिला व शहरी वोटरों को प्रभावित किया।
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इस बार पश्चिम बंगाल में जहां पहले चरण में 93.19 फीसदी वोटिंग दर्ज की गई थी, वहीं दूसरे चरण में भी 92.67 फीसदी वोटिंग हुई। इसी के साथ बंगाल में वोटिंग का कुल औसत 92.93 फीसदी से ज्यादा हो गया, जो कि देश में किसी राज्य में वोटिंग का नया रिकॉर्ड है। पश्चिम बंगाल में इस बार भारी मतदान भी समीकरण बदलने वाला फैक्टर रहा है। इस बार राज्य में लगभग हर पांचवां मतदाता वोट देने निकला। संवेदनशील इलाकों में जंगलमहल, उत्तर बंगाल और सीमावर्ती क्षेत्रों में भी भारी मतदान हुआ। महिलाओं के साथ पहली बार वोट देने वाले युवाओं की भागीदारी बढ़ी। पश्चिम बंगाल में 15 साल बदलाव होता नजर आ रहा है। राज्य में भाजपा पहली बार सरकार बनाने जा रही है। अभी तक की गिनती के मुताबिक भाजपा राज्य में 190 से अधिक सीटों पर आगे चल रही है। बंगाल में पहली बार सत्ता हासिल करने वाली पार्टी के कार्यकर्ता जमकर जश्न मना रहे हैं। रुझानों में भाजपा को मिली बढ़त से भाजपा कार्यकर्ताओं में गजब का उत्साह है। इसी उत्साह में मतगणना के बीच कुछ भाजपा कार्यकर्ताओं ने कोलकाता में सीएम ममता बनर्जी के घर के बाहर जय श्री राम के नारे लगाए।
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