कांग्रेस के हंगामे के बीच उपमुख्यमंत्री ने पेश किया बजट, पेट्रोल-डीजल पर कोई राहत नहीं

मध्य प्रदेश के उप-मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने बुधवार को विधानसभा में वर्ष 2024-25 के लिए बजट पेश कर दिया है। 3.65 लाख करोड़ रुपये का बजट पेश किया गया है, जो पिछले साल के मुकाबले 16 प्रतिशत अधिक है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की गारंटी के बाद भी पेट्रोल-डीजल पर कोई अतिरिक्त राहत नहीं दी गई है। अब भी देश में सबसे महंगा पेट्रोल और डीजल मध्य प्रदेश में ही बिकता रहेगा। राज्य सरकार ने महिलाओं, बच्चों और किसानों के लिए तो खजाना खोला, लेकिन कोई नया टैक्स नहीं लगाया है।
विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार के नेतृत्व में कांग्रेस विधायकों ने जमकर हंगामा किया। उनकी मांग थी कि नर्सिंग कॉलेज घोटाले के लिए चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग को बर्खास्त किया जाए। इस एकसूत्री मांग के साथ विधायकों ने आसंदी के पास आकर नारेबाजी की और बजट भाषण में व्यवधान डालने की कोशिश की। जब तक देवड़ा बोलते रहे, तब तक विपक्ष के विधायक हंगामा करते रहे। बाद में उन्होंने वॉकआउट कर लिया और बाहर जाकर धरना दिया। पत्रकारों से चर्चा में देवड़ा ने विपक्ष के इस रवैये को कष्टप्रद बताया है। देवड़ा ने 2024-25 के बजट में जो प्रमुख घोषणाएं की हैं, उनमें पीएम ई-बस योजनांतर्गत छह शहरों (इंदौर, भोपाल, जबलपुर, ग्वालियर, उज्जैन एवं सागर) में भारत सरकार की सहायता से 552 ई-बसों का संचालन करना शामिल है। इसके साथ ही सरकार ने पांच साल में वार्षिक बजट के आकार को दोगुना करने का लक्ष्य तय किया है। 2024-25 के लिए 3,65,067 करोड़ रुपये के व्यय का प्रावधान किया गया है, जो 2023-24 के 3,14,025 करोड़ रुपये के मुकाबले 16 प्रतिशत अधिक है।
राज्य सरकार ने संस्कृति विभाग के लिए 1,081 करोड़ रुपये रखे हैं। यह 2023-24 के मुकाबले 250 प्रतिशत अधिक है। इस राशि से भारत के कालजयी महानायकों की तेजस्विता का संग्रहालय वीर भारत न्यास स्थापित किया जा रहा है। यह देश और दुनिया का अपनी तरह का पहला संग्रहालय होगा। भगवान श्री राम ने वनवास के दौरान प्रदेश के विभिन्न स्थानों से पथ गमन किया। राज्य की सीमाओं के अंतर्गत राम पथ गमन के अंचलों के विभिन्न स्थलों को चिह्नांकित कर उनका विकास करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने श्री कृष्ण पाथेय योजना की घोषणा की गई है। इसके माध्यम से प्रदेश में श्री कृष्ण पथ के पुनरावेषण और संबंधित क्षेत्रों के साहित्य, संस्कृति तथा संस्कार का संरक्षण, संवर्धन किया जाना प्रस्तावित है।

किस क्षेत्र में कितना बढ़ा बजट
कृषि क्षेत्र का बजट 15 प्रतिशत, स्वास्थ्य के साथ-साथ महिला एवं बाल विकास विभाग के बजट में 56 प्रतिशत की बढ़ोतरी की गई है। शिक्षा में चार प्रतिशत, एससी, एसटी और ओबीसी वर्गों की योजनाओं के लिए 10 प्रतिशत, इंफ्रास्ट्रक्चर क्षेत्र में 9 प्रतिशत, नगरीय एवं ग्रामीण विकास के लिए 13 प्रतिशत, संस्कृति संवर्धन के लिए 35 प्रतिशत, रोजगार के लिए 39 प्रतिशत की बढ़ोतरी की गई है।

6 शहरों में चलेगी इलेक्ट्रिक बसें
मोहन सरकार ने स्वच्छ भारत मिशन के लिए 500 करोड़ के बजट का प्रावधान किया है। वहीं सिंचाई योजनाओं के लिए 300 करोड़ के बजट का प्रावधान किया है। साथ ही पीएम ई बस योजना के तहत 6 शहरों में इलेक्ट्रिक बसें चलेगी। जिनमें भोपाल इंदौर ग्वालियर जबलपुर उज्जैन, सागर शामिल है।

खुला करोड़ों का पिटारा
मोहन सरकार ने शिक्षा के लिए 22 हजार 600 करोड़ रुपए, स्वास्थ्य के लिए 21 हजार 144 करोड़ रुपए, खेल के लिए 586 करोड़ रुपए, तीर्थ दर्शन योजना के लिए 50 करोड़ रुपए, वन और पर्यावरण 4 हजार 725 करोड़ रुपए, दुग्ध उत्पादक योजना के लिए 150 करोड़ रुपए, गोशाला के लिए 250 करोड़ रुपए, संस्कृति विभाग के लिए 1081 करोड़ रुपए, उद्योग विभाग के लिए 4 हजार करोड़ से ज्यादा की राशि का प्रावधान किया है।

ऊर्जा के लिए 19000 करोड़
सिंहस्थ के लिए उज्जैन आने वाले सभी मार्ग 4 लेन अथवा 8 लेन किया जाएगा। इसके साथ ही ऊर्जा के लिए 19000 करोड़, सिंचाई के लिए 13596 करोड़, केन बेतवा लिंक परियोजना और पार्वती चंबल परियोजना के लिए भी प्रावधान किया जाएगा। वहीं मिलेट्स को बढ़ावा देने के लिए डिंडोरी में श्री अन्न्न अनुसंधान केंद्र खुलेगा। साथ ही दूध उत्पादन बोनस के लिए 150 करोड़ का प्रावधान किया गया।