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दिल्ली। स्मार्ट मीटर के खिलाफ देश के कई हिस्सों, विशेष रूप से उत्तर प्रदेश और हिमाचल प्रदेश में विरोध प्रदर्शन काफी तेज हो गए हैं। लोग न केवल सड़कों पर उतर रहे हैं, बल्कि कई जगहों पर उन्होंने स्मार्ट मीटर की शव यात्रा और बारात निकालकर अनोखे तरीके से अपना विरोध दर्ज कराया है।
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उपभोक्ताओं और एक्टिविस्टों द्वारा स्मार्ट मीटर का विरोध करने के पीछे कई ठोस तर्क दिए जा रहे हैं। सबसे बड़ी शिकायत यह है कि स्मार्ट मीटर लगने के बाद बिजली का बिल 2 से 3 गुना तक बढ़ गया है। लोगों का आरोप है कि ये मीटर बहुत तेज चलते हैं। प्रीपेड स्मार्ट मीटर में बैलेंस खत्म होते ही बिजली अचानक कट जाती है, जिससे उपभोक्ताओं को काफी परेशानी होती है। उपभोक्ताओं का कहना है कि उन्हें यह समझ नहीं आता कि उनका बैलेंस कितनी जल्दी और क्यों खत्म हो रहा है। कुछ समूहों ने उपभोक्ताओं की निजी जानकारी और डेटा सुरक्षा को लेकर भी चिंता जताई है। लोग इस बात से नाराज हैं कि विभाग पुराने सही चल रहे मीटरों को हटाकर बिना उपभोक्ता की सहमति के जबरन स्मार्ट मीटर लगा रहा है।
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उत्तर प्रदेश के आगरा, मथुरा, फिरोजाबाद और लखनऊ जैसे शहरों में भारी प्रदर्शन हुए हैं। मथुरा में महिलाओं ने मीटर उखाड़कर बिजली घर के बाहर फेंक दिए। हिमाचल प्रदेश के ऊना जिले में ग्रामीणों ने बढ़े हुए बिलों के कारण विभाग को आंदोलन की चेतावनी दी है। विपक्षी दलों ने भी इसे एक बड़ा मुद्दा बनाया है और सरकार पर जनता को लूटने का आरोप लगाया है। आगरा के अकोला कस्बे और छलेसर गांव में सैकड़ों ग्रामीणों ने अपने घरों से स्मार्ट मीटर उखाड़ दिए। प्रदर्शनकारी महिलाएं इन मीटरों को बोरे में भरकर या सिर पर रखकर बिजली घर पहुंचीं और वहां मीटरों का ढेर लगा दिया। स्थानीय लोगों का आरोप है कि स्मार्ट मीटर लगने के बाद उनके बिजली बिल अचानक कई गुना बढ़ गए हैं। उनका दावा है कि मीटर “बुलेट ट्रेन” की रफ्तार से भाग रहे हैं और प्रीपेड सिस्टम के कारण बैलेंस खत्म होते ही आपूर्ति तुरंत कट जाती है।
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इस मामले में केन्द्र सरकार और बिजली विभाग का कहना है कि स्मार्ट मीटर बिजली चोरी रोकने और सटीक बिलिंग के लिए जरूरी हैं। भारी विरोध को देखते हुए कुछ महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। उत्तर प्रदेश में बढ़ते तनाव को देखते हुए सरकार ने फिलहाल पुराने मीटरों को प्रीपेड में बदलने की योजना पर अस्थायी रोक लगा दी है।सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि 1 किलोवाट तक के लोड वाले छोटे उपभोक्ताओं की बिजली तुरंत नहीं काटी जाएगी।
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