
ग्वालियर। डेंगू के साथ चिकनगुनिया के मामले भी तेजी से बढ़ रहे हैं। चिकनगुनिया के अब तक 51 मामले रिपोर्ट किए जा चुके हैं। अगस्त-सितंबर महीने में ही चिकनगुनिया के 35 से ज्यादा मामले रिपोर्ट किए जा चुके हैं। बावजूद इसके जानकारी छिपाई जा रही है। विभाग इसके पीछे की वजह गजराराजा मेडिकल कालेज की लैब से चिकनगुनिया की रिपोर्ट न भेजना बता रहा है।
एक हजार बिस्तर अस्पताल, जिला अस्पताल मुरार और निजी अस्पतालों में चिकनगुनिया से पीड़ित मरीज भर्ती हो रहे हैं। बावजूद इसके चिकनगुनिया को लेकर विभाग सतर्क नहीं है। जबकि पिछले दो सप्ताह से चिकनगुनिया के मामलों में इजाफा देखा गया है। मलेरिया अधिकारी डा. विनोद कुमार दौनेरिया कहते हैं कि डेंगू के साथ-साथ चिकनगुनिया के मामले भी सामने आ रहे हैं, लोग बुखार और जोड़ों के दर्द की शिकायत के साथ अस्पताल पहुंच रहे हैं। हालांकि समय से इलाज मिलने पर बुखार ठीक भी हो रहा है, लेकिन लोगों को पूरी एहतियात बरतने की जरूरत है। साथ ही मच्छरों से बचने की भी जरूरत है। अपने घर के आसपास साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें और मच्छर न पनपने दें। मच्छरों के काटने से होने वाला ये बुखार डेंगू जैसा ही है, इसलिए लोग इसमें और डेंगू में काफी कम भेद कर पाते हैं। लेकिन ब्लड टेस्ट की मदद से इन दोनों बुखारों का पता लगाया जा सकता है। इसलिए बुखार आने पर तुरंत डाक्टर से परामर्श जरूरी है।

