चरमराई हुई है स्ट्रीट लाइट व्यवस्था, शहर में अंधेरा कायम


ग्वालियर। शहर में स्ट्रीट लाइट व्यवस्था पिछले एक साल से चरमराई हुई है। भुगतान ना होने का हवाला देकर कंपनी काम में रुचि नहीं ले रही है और संतोषजनक काम ना होने के कारण अधिकारियों द्वारा व्यवस्था सुधारने के निर्देश दिए जा रहे हैं। इसी जद्दोजहद में लगातार शहर के मुख्य मार्गों और गली-मोहल्लों में अंधेरा कायम है। कंपनी द्वारा अनुबंध की शर्तों का पालन ना करने के कारण वार्डों में उतनी गति से लाइटों की मरम्मत भी नहीं हो पा रही है। परिषद की पिछली दो बैठकों के दौरान भी पार्षदों ने इस मामले को लेकर हंगामा किया। इसके चलते अब एचपीएल कंपनी को व्यवस्था सुधारने के लिए 15 दिन का समय दिया गया है।
कंपनी के संचालकों को ग्वालियर आने के लिए कहा गया है। इस दौरान उनसे चर्चा कर व्यवस्थाओं में सुधार करने के लिए कहा जाएगा। सुधार ना होने की स्थिति में कंपनी का ठेका टर्मिनेट कर दिया जाएगा। ठेका टर्मिनेट होने के बाद स्ट्रीट लाइटों का संचालन और संधारण कैसे किया जाए, इसको लेकर अभी भी असमंजस की स्थिति बनी हुई है। इसका कारण है कि लाइटों की गुणवत्ता को लेकर सवाल लगातार खड़े हो रहे हैं। पहले एनर्जी एफिशिएंसी सर्विसेज लिमिटेड (ईईएसएल) ने लाइटें लगाई थीं और उसके बाद अब एचपीएल कंपनी द्वारा इन्हें खराब होने पर बदला जा रहा है, लेकिन मरम्मत के कुछ ही समय बाद ये लाइटें फिर खराब हो रही हैं। ऐसे में नगर निगम द्वारा यह भी संभावनाएं देखी जा रही हैं कि लाइटों की खरीद कर उन्हें अपने अमले के माध्यम से लगवा दिया जाए, लेकिन हाल-फिलहाल दीपावली के त्योहार को देखते हुए निगम द्वारा वैकल्पिक व्यवस्था बनाई जा रही है। वर्तमान में एचपीएल कंपनी की 35 के आसपास टीमें वार्डों में काम कर रही हैं। दीपावली के आसपास व्यवस्थाएं और बेहतर करने के लिए अब नगर निगम द्वारा भी मैन पावर की तैनाती की जाएगी। निगम आयुक्त अमन वैष्णव के आदेश पर इसके लिए प्रस्ताव तैयार कराया गया है, जिसमें स्ट्रीट लाइटों को सुधारने के लिए 43 लाइनमैन और 36 सहायकों की आवश्यकता होगी। ये सभी कर्मचारी सेंगर सिक्योरिटी या अन्य आउटसोर्स एजेंसी के माध्यम से तैनात किए जाएंगे। हालांकि इसके लिए परिषद के अनुमोदन की आवश्यकता होगी, लेकिन त्योहार को देखते हुए परिषद की स्वीकृति की प्रत्याशा में कर्मचारियों को आउटसोर्स पर रखा जाएगा।