
भाजपा के दूसरे चरण की सदस्यता अभियान की शुरुआत के साथ राजनीतिक नियुक्तियों की सुगबुगाहट तेज हो गई। विजयपुर के पूर्व विधायक सीताराम आदिवासी को सहरिया विकास प्राधिकरण उपाध्यक्ष बना सरकार ने संकेत दिए। नियुक्तियों में सदस्यता अभियान का प्रदर्शन भी अहम मापदंड रहेगा। प्रदेश नेतृत्व कई बार ऐसा कह चुका है। सदस्यता अभियान में परफॉर्मेंस के अनुसार आकलन होगा।बताते हैं, दूसरे चरण का सदस्यता अभियान 15 अक्टूबर को खत्म होगा, तब नियुक्तियां होंगी। पहली सूची में पूर्व सांसद केपी यादव, कमलेश शाह, दीपक सक्सेना, सुरेश पचौरी समेत 10 नाम हो सकते हैं।
केपी यादव: गुना से केपी यादव का पहले सांसद का टिकट कटा। उसके बाद राज्यसभा में भी नंबर नहीं लग सका। ऐसे में उनका नाम पहली सूची में है। शीर्ष नेतृत्व उनके मान-सम्मान रखने की बात कह चुका है।
कमलेश शाह: कांग्रेस से भाजपा में आए अमरवाड़ा विधायक कमलेश शाह की मंत्री बनने की चर्चा थी। चर्चा थी रामनिवास के साथ उन्हें भी शपथ दिलाई जाएगी। ऐसा नहीं हुआ। शाह की राजनीतिक नियुक्ति होगी।
दीपक सक्सेना: कमलनाथ के हनुमान कहे जाने वाले दीपक सक्सेना ने 44 साल की दोस्ती को अलविदा कह मार्च में भाजपा में आ गए। भाजपा के छिंदवाड़ा फतह में मुख्य किरदार रहे। राजनीतिक नियुक्त तय।
सुरेश पचौरी: चार बार राज्यसभा सांसद व पूर्व केंद्रीय मंत्री सुरेश पचौरी ने 9 मार्च को कांग्रेस से भाजपा में आए। उन्हें नियुक्ति देकर भाजपा संदेश देना चाहती है कि कांग्रेस से आए नेताओं का मान रखा जाएगा।
मोहन सरकार में हुईं राजनीतिक नियुक्ति
श्रीकांत पाटिल, एमडी, क्रिस्प मोहन नागर, उपाध्यक्ष, जन अभियाप परिषद सीताराम आदिवासी, उपाध्यक्ष, सहरिया विकास प्राधिकरण सदस्यता।

