परिवहन विभाग में कौन बनाएगा डीएल और रजिस्ट्रेशन कार्ड?

ग्वालियर। वाहनों के रजिस्ट्रेशन एवं ड्राइविंग लाइसेंस के कार्ड बनाने वाली स्मार्ट चिप कंपनी का सोमवार को परिवहन विभाग में आखिरी दिन था। ऐसे में अगर समय नहीं बढ़ाया गया तो फिर प्रदेशभर में रजिस्ट्रेशन व डीएल कार्ड बनाने का काम अटक सकता है। बीच में कुछ दिन स्मार्ट चिप कंपनी ने काम बंद कर दिया था तो उस दौरान विभाग ने अपने कर्मचारियों से काम कराया था, लेकिन काम में परिपक्व नहीं होने के कारण काम काफी डिले हो गया था, जिसके बाद किसी तरह से कंपनी को काम पर वापस बुलाया गया था, उसके बाद काम गति पर आया था। संभावना है कि स्मार्ट चिप कंपनी को काम करने के लिए आगे भी राजी किया जा सकता है और इसके आदेश जल्द हो सकते हैं।
वैसे यह कंपनी पहले भी कई बार परिवहन विभाग के आग्रह को मानकर काम करती आ रही है। स्मार्ट चिप कंपनी परिवहन विभाग में पिछले 22 साल से काम कर रही है। समय पर भुगतान नहीं होने के कारण कंपनी व विभाग के बीच खींचतान चल रही थी । इसके कारण कंपनी कई बार काम बंद भी कर चुकी है, जिससे विभाग को खासी परेशानी का सामना करना पड़ा था। अगस्त माह ही कंपनी का आखिरी कार्यकाल था लेकिन दूसरी कंपनी के न आने से विभाग के अधिकारियों ने कंपनी के अधिकारियों से बात कर 30 सितंबर तक काम करने के लिए राजी कर लिया था।
सामने आते ही खींचे हाथ
स्मार्ट चिप कंपनी द्वारा 30 सितंबर के बाद काम नहीं करने की चेतावनी के बाद से ही विभाग के अधिकारी दूसरी कंपनी को काम देने के लिए कसरत कर रहे हैं। विभाग ने रोजमार्टा कंपनी को काम करने के लिए बिना टेंडर डाले ही काम करने का प्रस्ताव बनाया था, लेकिन बाद में पता चला कि जिस रोजमार्टा कंपनी को काम के लिए बुलाया जा रहा है वह लिंक उत्सव कंपनी की कंपनी है। यहां बता दें कि लिंक उत्सव कंपनी ने विभाग में हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट लगाने का काम किया था और उस दौरान काम में गड़बड़ी होने की तमाम शिकायतों के बाद उक्त कंपनी को ब्लैक लिस्टेट कर दिया गया था।
अब उसका सोमवार को आखिरी दिन था, लेकिन इसके बाद भी विभाग के पास कोई दूसरी कंपनी काम करने के लिए नहीं आ रही है। संभावना है कि स्मार्ट चिप कंपनी को आगे भी काम करने के लिए राजी किया जा सकता है। वैसे कंपनी साफ तौर पर कह चुकी है कि 30 सितंबर के बाद वह किसी भी स्थिति में काम नहीं करेगी। स्मार्ट चिंप कंपनी द्वारा काम आगे नहीं करने के चेतावनी के बाद से ही विभाग के अधिकारी सक्रिय है और काम करने के लिए टेंडर भी बुलाए गए थे। टेंडर दो कंपनियों ने डाले थे, लेकिन उसके बाद भुगतान की समस्या सामने आने के बाद उक्त कंपनी पीछे हट गई। किसी और कंपनी के नहीं आने का के पीछे कारण यह है कि इस समय विभाग की छवि काफी खराब हो गई है, क्योंकि एक तो विभाग में दो अधिकारियों के बीच टकराव चल रहा है साथ ही चेकिंग पॉइंट पर काम करने वाले अधिकारी भी असुरक्षा महसूस कर रहे हैं ।