
कंज्यूमर कंपलेंट (इंडियन कंज्यूमर कंपलेंट फोरम) को मार्च से अक्टूबर 2011 के बीच मल्टी नेशनल चिप्स कंपनी ‘लेज’ के खिलाफ दर्जनों शिकायतें मिलीं। शिकायतकर्ताओं के मुताबिक कंपनी आलू एक्सक्लूसिव के चिप्स में सूअर की चर्बी मिलाकर उपभोक्ताओं के विश्वास को छल रही है। जानकारों की मानें तो कंपनी पैकिंग पर ‘नो यूज्ड एमएसजी’ लिखने के बाद ग्रीन डॉट्स लगाकर चिप्स को शाकाहारी बता रही है। यह धोखा तो है ही, कंज्यूमर पैकेजिंग एंड लेबलिंग एक्ट (आरएससी 1985) का उल्लंघन भी है।
जुबेर अहमद के मुताबिक थोड़े दिन पहले लेज का पैकेट खरीदा। देखा तो उस पर कई ई631 लिखा था। गूगल पर सर्च किया तो पता चला कि कुछ अरसा पहले यह हंगाम पकिस्तान में हो चुका है। हैरत की बात है लेज को कई देशों में प्रतिबंधित किया जा चुका है, पर भारत में धड़ल्ले से बिक रहा है। मूल तौर पर यह पदार्थ सूअर और मछली की चर्बी से ज्यादातरस, चिप्स में स्वद बढ़ाने के लिए चर्य का इस्तेमाल किया जाता है। रसायनशास्त्र में इसे Disodium Inosinate कहते हैं. जिसका सूत्र CTOHTIN4N2O8P है।
कोड देखे और छलावे से बचे
जिस किसी वस्तु की पैकिंग पर लिखा कि 100, E110, E120, E140, E141. 153, E210, E213, E214, E216, E234, E252, E270, E280, E325, E326, E327, E334, E335, E336, E337, E422, E430, E431, E432, E433, E434, E435, E436, E440, E470, E471, E472, E473, E474, E475, E476, E477, E478, E481, E482, E483, E491, E492, E493, E494, E495, E542, E570, E572. 831,635,904 तो समझ लीजिए कि उनमें जानवरों की चर्बी है।

