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Gwalior: जाम में फंसी महिला ने ऑटो में बेटे को जन्म दिया, फरिश्ता बनकर आई दाई

ग्वालियर में बहोड़ापुर के गणेश मंदिर इलाके में ऐसा जाम लगा कि ऑटो से हॉस्पिटल जा रही प्रसूता डेढ़ घंटे तक ट्रैफिक जाम में फंसी रही। एम्बुलेंस भी उस तक नहीं आ पा रही थी। इस बीच महिला को तेज दर्द हुआ। साथ में जा रही सास और चाची सास घबरा गईं। इसी बीच एक दाई मां फरिश्ता बनकर आई और महिला की डिलीवरी कराई। ट्रैफिक जाम में गाड़ियों के हॉर्न और शोर के बीच में बच्चे की किलकारी गूंजी। जब जाम खुला तो परिजन महिला और उसके बेटे को लेकर हॉस्पिटल पहुंचे। जच्चा-बच्चा दोनों स्वस्थ हैं। बच्चे को प्यार…

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ग्वालियर में बहोड़ापुर के गणेश मंदिर इलाके में ऐसा जाम लगा कि ऑटो से हॉस्पिटल जा रही प्रसूता डेढ़ घंटे तक ट्रैफिक जाम में फंसी रही। एम्बुलेंस भी उस तक नहीं आ पा रही थी। इस बीच महिला को तेज दर्द हुआ। साथ में जा रही सास और चाची सास घबरा गईं। इसी बीच एक दाई मां फरिश्ता बनकर आई और महिला की डिलीवरी कराई। ट्रैफिक जाम में गाड़ियों के हॉर्न और शोर के बीच में बच्चे की किलकारी गूंजी। जब जाम खुला तो परिजन महिला और उसके बेटे को लेकर हॉस्पिटल पहुंचे। जच्चा-बच्चा दोनों स्वस्थ हैं। बच्चे को प्यार से ‘ऑटो’ कहकर पुकार रहे हैं। जाम की परेशानी के बीच लोगों ने यह खुशखबरी सुनी तो मुस्कुरा दिए।
बहोड़ापुर आनंद नगर निवासी नरेश कुशवाह ट्रांसपोर्ट नगर एक चॉकलेट फैक्ट्री में जॉब करता है। पत्नी अनीता (28) गर्भवती थी। लक्ष्मीगंज प्रसूति गृह से ट्रीटमेंट चल रहा था। डॉक्टर ने 10 नवंबर को डिलीवरी की तारीख दी थी, लेकिन समय इससे कहीं ज्यादा निकल गया। सोमवार शाम को जब अनीता के पेट में तेज दर्द हुआ तो घर पर कोई नहीं था। सास मालती (45) और चाची सास पार्वती कुशवाह (40) उसे घर से ऑटो में लेकर लक्ष्मीगंज प्रसूति गृह के लिए निकलीं। ऑटो में अनीता को तेज दर्द होने लगा। अभी वह गणेश मंदिर इलाके में पहुंचे ही थे कि वहां कुछ मिनट में जाम लग गया। 5 मिनट में सैकड़ों वाहन आड़े-तिरछे घुसे और ट्रैफिक जाम 300 मीटर तक फैल गया। इधर, ऑटो में अनीता की हालत खराब होती चली गई। किसी भी समय डिलीवरी हो सकती थी। एक युवक ने एम्बुलेंस को कॉल किया, लेकिन एम्बुलेंस टीम ने जाम लंबा होने पर उन तक पहुंच पाने में असमर्थता जताई। उधर, दर्द से कराह रही अनीता की चीख सुनकर पास से गुजर रही एक महिला पहुंचीं। उसने बताया कि वह दाई है।
दाई मां ने ऑटो के चारों तरफ से पर्दे बंद कर प्रसव कराया। ट्रैफिक और गाड़ियों के शोर के बीच बच्चे की किलकारी गूंजी। अनीता की सास मालती और चाची सास पार्वती ने जब बेटे के जन्म की बात सुनी तो वह खुशी से झूम उठीं। इसके बाद प्रसव कराने वाली महिला बहू को जल्दी अस्पताल में भर्ती कराने की कहकर चली गई। वो कौन थी और क्या नाम था, किसी को पता नहीं था। कहां से आई और कहां से चली गई, यह भी किसी को नहीं पता है। नवजात के जन्म होने के साथ ही ट्रैफिक जाम भी खुल गया। इसी ऑटो से लेकर प्रसूता को लक्ष्मीगंज प्रसूति गृह पहुंचे। यहां स्टाफ नर्स ज्योति तोमर ने बच्चे और मां का चेकअप किया। उनका कहना था कि दोनों स्वस्थ हैं, लेकिन यह स्थिति खतरनाक थी। ऐसे में बच्चे और उसकी मां की जान संकट में आ सकती थी। करीब डेढ़ घंटे तक बहोड़ार के गणेश मंदिर से सड़क पर जाम लगा रहा। लोग बेहाल हुए, यहां तक प्रसव तक कराना पड़ा, लेकिन इसके बाद भी पुलिस और ट्रैफिक अमला कहीं नजर नहीं आया। ऐसे में प्रसव के दौरान महिला या बच्चे को कुछ हो जाता तो उसके लिए कौन जिम्मेदार होता।

ग्वालियर में बहोड़ापुर के गणेश मंदिर इलाके में ऐसा जाम लगा कि ऑटो से हॉस्पिटल जा रही प्रसूता डेढ़ घंटे तक ट्रैफिक जाम में फंसी रही। एम्बुलेंस भी उस तक नहीं आ पा रही थी। इस बीच महिला को तेज दर्द हुआ। साथ में जा रही सास और चाची सास घबरा गईं। इसी बीच एक दाई मां फरिश्ता बनकर आई और महिला की डिलीवरी कराई। ट्रैफिक जाम में गाड़ियों के हॉर्न और शोर के बीच में बच्चे की किलकारी गूंजी। जब जाम खुला तो परिजन महिला और उसके बेटे को लेकर हॉस्पिटल पहुंचे। जच्चा-बच्चा दोनों स्वस्थ हैं। बच्चे को प्यार…

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