Home / प्रदेश / मप्र छत्तीसगढ़ / सहकारी समिति का अफसर निकला करोड़पति, मिली बेहिसाब संपत्ति

सहकारी समिति का अफसर निकला करोड़पति, मिली बेहिसाब संपत्ति

शिवपुरी में फतेहपुर रोड विजयपुरम काॅलोनी में रहने वाले पचावली सहकारी साख समिति के सहायक प्रबंधक माधुरी शरण भार्गव के यहां आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो की टीम ने छापा मारा। छापा मारने के लिए अफसर यहां कभी प्रॉपर्टी खरीदने तो कभी पता पूछने के बहाने पहुंची। 3 बार जाने के बाद भी उन्होंने दरवाजा नहीं खोला। आखिरकार अफसर पड़ोसी के यहां मौजूद पेड़ पर चढ़कर माधुरी शरण के घर में घुसे। कार्रवाई में अभी तक 3 मकान, प्लॉट, दुकान, नकदी रुपए और सोना-चांदी समेत बेहिसाब संपत्ति सामने आई है। माधुरी शरण का बेटा प्रॉपर्टी का कारोबार करता है। यह जानकारी…

Review Overview

User Rating: 5.41 ( 5 votes)

शिवपुरी में फतेहपुर रोड विजयपुरम काॅलोनी में रहने वाले पचावली सहकारी साख समिति के सहायक प्रबंधक माधुरी शरण भार्गव के यहां आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो की टीम ने छापा मारा। छापा मारने के लिए अफसर यहां कभी प्रॉपर्टी खरीदने तो कभी पता पूछने के बहाने पहुंची। 3 बार जाने के बाद भी उन्होंने दरवाजा नहीं खोला। आखिरकार अफसर पड़ोसी के यहां मौजूद पेड़ पर चढ़कर माधुरी शरण के घर में घुसे। कार्रवाई में अभी तक 3 मकान, प्लॉट, दुकान, नकदी रुपए और सोना-चांदी समेत बेहिसाब संपत्ति सामने आई है।
माधुरी शरण का बेटा प्रॉपर्टी का कारोबार करता है। यह जानकारी टीम को थी। इस कारण टीम उसके घर पहले प्रॉपर्टी खरीदने के बहाने पहुंची, लेकिन माधुरी शरण को शक हो गया। उन्होंने दरवाजा नहीं खोला। कुछ देर बाद टीम के अन्य सदस्य पता पूछने के बहाने उनके यहां पहुंचे, लेकिन फिर भी दरवाजा नहीं खोला। ऊपर से ही बात करते रहे। तीसरी बार टीम रेड डालने की बात कहते हुए पहुंची, तब भी गेट नहीं खोला।
फिर पड़ोसी के मकान पर पेड़ पर चढ़कर पहुंचे घर में
सभी हथकंडे आजमाने समेत सच्चाई बताने, कोर्ट का सर्च वारंट दिखाने के बाद भी माधुरी शरण भार्गव के घर का दरवाजा खुलवाने में सफल नहीं हो पाई। इसके बाद टीम के कुछ सदस्य माधुरी शरण भार्गव के मकान के सामने लगे अशोक के पेड़ पर चढ़कर पड़ोसी की छत पर पहुंचे। इसके बाद भार्गव के मकान में घुसे।
500 रुपए से नौकरी की शुरुआत
माधुरी भार्गव ने साल 1995 में 500 रुपए के वेतन पर सहायक सेल्समैन के रूप में नौकरी शुरू की थी। अभी वे सहायक प्रबंधक के पद पर हैं। वर्तमान में उन्हें 12 हजार 500 रुपए महीना सैलरी मिलती है। अनुमान के अनुसार 26 साल की नौकरी में वेतन के रूप में करीब 30 लाख रुपए मिले हैं। जांच में उनकी संपत्ति इससे कई गुना ज्यादा मिली है। टीम ने भार्गव से संपत्ति का हिसाब मांगा है, लेकिन वे मौके पर कुछ बता नहीं पाए।
बना रहे हैं मार्केट, टाइल्स की दुकान भी
भार्गव जिस कॉलोनी में रहते हैं, वहां उनके दो मकान आमने-सामने हैं। इसके अलावा भी दो तीन अन्य मकान बताए जा रहे हैं। ग्वालियर बायपास पर करीब एक करोड़ रुपए से अधिक मूल्य की टाइल्स की दुकान है। फतेहपुर रोड पर भी बेशकीमती प्लाॅट पर दुकान और मकान निर्माणाधीन है। परिवार और रिश्तेदारों के नाम पर भी करोड़ों की जमीन होने की बात सामने आई है।
ऐसे बनाया साम्राज्य
जानकारी के मुताबिक भार्गव समिति के माध्यम से किसानों की फसल खरीदने का काम करता है। यहां किसानों के हक पर डाका डालने के अलावा फर्जी सिकमी बटाईदार बनकर बाजार का गेहूं सरकार को बेचने, कंट्रोल संचालन कर गरीबों के हक का राशन डकार कर पैसा बनाया। किसानों को ऋण वितरण, ऋण माफी के माध्यम से भी पैसा बनाए जाने का खेल खेला गया।

शिवपुरी में फतेहपुर रोड विजयपुरम काॅलोनी में रहने वाले पचावली सहकारी साख समिति के सहायक प्रबंधक माधुरी शरण भार्गव के यहां आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो की टीम ने छापा मारा। छापा मारने के लिए अफसर यहां कभी प्रॉपर्टी खरीदने तो कभी पता पूछने के बहाने पहुंची। 3 बार जाने के बाद भी उन्होंने दरवाजा नहीं खोला। आखिरकार अफसर पड़ोसी के यहां मौजूद पेड़ पर चढ़कर माधुरी शरण के घर में घुसे। कार्रवाई में अभी तक 3 मकान, प्लॉट, दुकान, नकदी रुपए और सोना-चांदी समेत बेहिसाब संपत्ति सामने आई है। माधुरी शरण का बेटा प्रॉपर्टी का कारोबार करता है। यह जानकारी…

Review Overview

User Rating: 5.41 ( 5 votes)

About Dheeraj Bansal

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

*

x

Check Also

कांग्रेस को बड़ा झटका: बड़वाह कांग्रेस विधायक सचिन बिरला ने भाजपा का दामन थामा

मध्यप्रदेश के कृषि मंत्री कमल पटेल ने अपने प्रभारी जिले की बड़वाह ...