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कटाेराताल पर ताले में बंद तर्पण

कटोराताल पर श्राद्ध पक्ष में शहरवासी अपने पितरों का तर्पण करने आते हैं। यह परंपरा कई वर्षों से निरंतर चली आ रही है। पिछले वर्ष कोरोना के चलते कटोराताल में पितरों का तर्पण नहीं हो पाया था, जिससे शहर के लोग काफी निराश थे। इस वर्ष लाेगाें काे उम्मीद थी कि वह कटाेराताल में पितराें का तर्पण कर सकेंगे, पर इस बार स्मार्ट सिटी द्वारा कटोराताल में जीर्णोद्धार कार्य कराया जा रहा है, जिसके कारण यहां ताले लटके हुए हैं। यहां किसी का भी अंदर प्रवेश वर्जित है। इसके चलते इस बार भी कटोराताल में तर्पण नहीं हो पाएगा। शहर…

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कटोराताल पर श्राद्ध पक्ष में शहरवासी अपने पितरों का तर्पण करने आते हैं। यह परंपरा कई वर्षों से निरंतर चली आ रही है। पिछले वर्ष कोरोना के चलते कटोराताल में पितरों का तर्पण नहीं हो पाया था, जिससे शहर के लोग काफी निराश थे। इस वर्ष लाेगाें काे उम्मीद थी कि वह कटाेराताल में पितराें का तर्पण कर सकेंगे, पर इस बार स्मार्ट सिटी द्वारा कटोराताल में जीर्णोद्धार कार्य कराया जा रहा है, जिसके कारण यहां ताले लटके हुए हैं। यहां किसी का भी अंदर प्रवेश वर्जित है। इसके चलते इस बार भी कटोराताल में तर्पण नहीं हो पाएगा।
शहर में पितृपक्ष के दौरान सामूहिक तर्पण कई जगह किए जाते हैं, परंतु पितृपक्ष के दौरान पानी में खड़े होकर दक्षिण दिशा में तर्पण करने का अपना ही एक विशेष महत्व है। शहर का कटोराताल पितरों को तर्पण करने वालों के लिए एक विशेष स्थान रखता है। क्योंकि शहर का एकमात्र यही ऐसा स्थान है, जहां पर पानी में खड़े होकर पुरखों को तर्पण किया जा सकता है। यूं तो जनक ताल पर भी लोग तर्पण किया करते थे, परंतु गंदगी और पानी में खड़े ना होने की व्यवस्था के कारण अब यहां बहुत कम लाेग पहुंचते हैं। अधिकांश लाेग कटोराताल ही तर्पण करने केे लिए पहुंचते हैं। यहां स्वच्छ पानी में खड़े होकर विधि विधान के साथ में पितरों को तर्पण किया जा सकता है। वर्तमान में स्मार्ट सिटी द्वारा कटोराताल के जीर्णोद्धार के बाद यहां ताला डाल दिया गया है। जिससे यहां पितराें के तर्पण के लिए पहुंचने वालाें काे काफी निराशा हुई है।

कटोराताल पर श्राद्ध पक्ष में शहरवासी अपने पितरों का तर्पण करने आते हैं। यह परंपरा कई वर्षों से निरंतर चली आ रही है। पिछले वर्ष कोरोना के चलते कटोराताल में पितरों का तर्पण नहीं हो पाया था, जिससे शहर के लोग काफी निराश थे। इस वर्ष लाेगाें काे उम्मीद थी कि वह कटाेराताल में पितराें का तर्पण कर सकेंगे, पर इस बार स्मार्ट सिटी द्वारा कटोराताल में जीर्णोद्धार कार्य कराया जा रहा है, जिसके कारण यहां ताले लटके हुए हैं। यहां किसी का भी अंदर प्रवेश वर्जित है। इसके चलते इस बार भी कटोराताल में तर्पण नहीं हो पाएगा। शहर…

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