Home / ग्वालियर / सनातन धर्मः मंदिर को बनाया राजनीति का केन्द्र, 10 साल में सिंगल डिजीट सदस्य बनाये

सनातन धर्मः मंदिर को बनाया राजनीति का केन्द्र, 10 साल में सिंगल डिजीट सदस्य बनाये

ग्वालियर। ग्वालियर का सुप्रसिद्ध सनातन धर्म मंदिर आजकल तथाकथित पदाधिकारियों के कारण राजनीति का केन्द्र बनता जा रहा है। मंदिर को भी ऐसे पदाधिकारी राजनीति करने से नहीं छोड़ रहे। मजेदार बात तो यह है कि मंडल में नये सदस्यों को ही नहीं जोड़ा जा रहा है, जिससे उनका राज बना रहे। मेम्बरशिप के नाम पर सनातन धर्म मंडल में पिछले दस सालों में सिंगल डिजिट नये मेंम्बर बने हैं। वहीं दिवंगत हुये पूर्व सदस्यों के परिजनों को भी अब तक सदस्यता नहीं दी गई है, जो दिवंगत सदस्य के परिजन सदस्यता चाहते भी हैं तो उनसे मोटी रकम मांगी…

Review Overview

User Rating: 4.56 ( 7 votes)


ग्वालियर। ग्वालियर का सुप्रसिद्ध सनातन धर्म मंदिर आजकल तथाकथित पदाधिकारियों के कारण राजनीति का केन्द्र बनता जा रहा है। मंदिर को भी ऐसे पदाधिकारी राजनीति करने से नहीं छोड़ रहे। मजेदार बात तो यह है कि मंडल में नये सदस्यों को ही नहीं जोड़ा जा रहा है, जिससे उनका राज बना रहे।
मेम्बरशिप के नाम पर सनातन धर्म मंडल में पिछले दस सालों में सिंगल डिजिट नये मेंम्बर बने हैं। वहीं दिवंगत हुये पूर्व सदस्यों के परिजनों को भी अब तक सदस्यता नहीं दी गई है, जो दिवंगत सदस्य के परिजन सदस्यता चाहते भी हैं तो उनसे मोटी रकम मांगी जा रही है जिसे विधान मानता ही नहीं। इस कारण वह भी मेम्बरशिप लेने से हिचक रहे हैं। मंडल के पिछले दस सालों का रिकार्ड देखे तो मात्र चार नये सदस्य जोड़े गये हैं। इस पर कुछ सदस्यों ने नाम ना छापने की शर्त पर बताया कि जो वर्तमान टीम में वह अपना राज चाहती है इस कारण नये सदस्यों को नहीं जोड़ा जा रहा है। जिससे अगले चुनावों में वह पुनः अपने पट्ठों की मदद से ट्रस्ट में घुसपैठ बना लें। इधर मंदिर ट्रस्ट के खर्च के लेखा जोखा तक का पता नहीं है। साथ ही सामाजिक कार्यक्रमों में आने वाले फंड में भी बंदरबांट की खबरें निकल रही है। लेकिन वर्तमान प्रधानमंत्री से लेकर अन्य पदाधिकारी अपनी मौज में है। उन्हें ना मेंबरशिप में रूचि है और ना ही आगामी त्यौहारों के आयोजनों पर कोई राय बनाई जा रही है।

ग्वालियर। ग्वालियर का सुप्रसिद्ध सनातन धर्म मंदिर आजकल तथाकथित पदाधिकारियों के कारण राजनीति का केन्द्र बनता जा रहा है। मंदिर को भी ऐसे पदाधिकारी राजनीति करने से नहीं छोड़ रहे। मजेदार बात तो यह है कि मंडल में नये सदस्यों को ही नहीं जोड़ा जा रहा है, जिससे उनका राज बना रहे। मेम्बरशिप के नाम पर सनातन धर्म मंडल में पिछले दस सालों में सिंगल डिजिट नये मेंम्बर बने हैं। वहीं दिवंगत हुये पूर्व सदस्यों के परिजनों को भी अब तक सदस्यता नहीं दी गई है, जो दिवंगत सदस्य के परिजन सदस्यता चाहते भी हैं तो उनसे मोटी रकम मांगी…

Review Overview

User Rating: 4.56 ( 7 votes)

About Dheeraj Bansal

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

*

x

Check Also

सड़क, पानी, स्वच्छता प्राथमिकता: किशोर कान्याल

ग्वालियर। नवागत नगर निगम आयुक्त किशोर कान्याल ने कहा है कि वह ...