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MP में रजिस्ट्री फीस बढ़ाने का मामला निकाय चुनाव तक टल सकता है

MP में प्राॅपर्टी की रजिस्ट्री फीस 19 से 20% तक बढ़ाने का प्रस्ताव टल सकता है। जानकारों की मानें तो आगामी नगरीय निकाय चुनाव को देखते हुए सरकार यह फैसला टाल सकती है। इसके आदेश आज-कल में जारी हो सकते हैं। यह प्रस्ताव मूल्यांकन बोर्ड ने जून में सरकार को दिया था। सरकार ने इसे मंजूरी नहीं दी थी। 31 जुलाई को मौजूदा गाइडलाइन के हिसाब से ही रजिस्ट्री फीस लेने का फैसला लिया था। प्रस्तावित गाइडलाइन में भोपाल, इंदौर, जबलपुर, ग्वालियर समेत प्रदेश की सवा लाख लोकेशन पर 5 से 40% तक गाइडलाइन बढ़ाने की बात शामिल है। भोपाल…

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MP में प्राॅपर्टी की रजिस्ट्री फीस 19 से 20% तक बढ़ाने का प्रस्ताव टल सकता है। जानकारों की मानें तो आगामी नगरीय निकाय चुनाव को देखते हुए सरकार यह फैसला टाल सकती है। इसके आदेश आज-कल में जारी हो सकते हैं। यह प्रस्ताव मूल्यांकन बोर्ड ने जून में सरकार को दिया था। सरकार ने इसे मंजूरी नहीं दी थी। 31 जुलाई को मौजूदा गाइडलाइन के हिसाब से ही रजिस्ट्री फीस लेने का फैसला लिया था।
प्रस्तावित गाइडलाइन में भोपाल, इंदौर, जबलपुर, ग्वालियर समेत प्रदेश की सवा लाख लोकेशन पर 5 से 40% तक गाइडलाइन बढ़ाने की बात शामिल है। भोपाल और इंदौर में मेट्रो प्रोजेक्ट की वजह से कलेक्टर गाइडलाइन (बाजार दर) 40% तक बढ़ाने का प्रस्ताव दिया गया है। इसे लेकर जून में मूल्यांकन बोर्ड की बैठक भी हो चुकी है। प्रेजेंटेशन के बाद मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की हरी झंडी का इंतजार था। हालांकि, सरकार ने गाइडलाइन के फैसले का टाल दिया था। 31 जुलाई तक मौजूदा गाइडलाइन ही यथावत रखने का निर्णय लिया था। वाणिज्यिक कर विभाग ने 29 जून को 31 जुलाई तक पुरानी दरों पर ही प्राॅपर्टी की रजिस्ट्री किए जाने का आदेश जारी किया था। चूंकि, जुलाई माह खत्म होने में 5 दिन ही शेष हैं। ऐसे में संभावना है, सरकार मौजूदा गाइडलाइन को आगे जारी रखने या फिर नई गाइडलाइन को लागू रखने का फैसला ले सकती है।

नगरीय निकाय चुनाव की वजह से मिल सकती है राहत
जानकार बताते हैं कि आगामी दिनों में नगरीय निकाय चुनाव हो सकते हैं। चूंकि, गाइडलाइन बढ़ने से उसका असर शहरी लोगों पर ज्यादा होना है, इसलिए सरकार नगरीय निकाय के चुनाव तक मौजूदा गाइडलाइन ही जारी रख सकती है। बता दें, वर्ष 2015-16 में सरकार ने 4% बढ़ोतरी की थी। वहीं, 2019-20 में तत्कालीन कमलनाथ सरकार ने गाइडलाइन 20% तक इस उम्मीद में घटा दी थी कि मंदी की मार झेल रहे रियल एस्टेट में फिर बूम आएगा। हालांकि साल 2016-17 से अब तक सरकार स्टाम्प ड्यूटी और रजिस्ट्रेशन फीस में बढ़ोतरी करती रही है। इस साल 40% तक की बढ़ोतरी करने का प्रस्ताव है।

MP में प्राॅपर्टी की रजिस्ट्री फीस 19 से 20% तक बढ़ाने का प्रस्ताव टल सकता है। जानकारों की मानें तो आगामी नगरीय निकाय चुनाव को देखते हुए सरकार यह फैसला टाल सकती है। इसके आदेश आज-कल में जारी हो सकते हैं। यह प्रस्ताव मूल्यांकन बोर्ड ने जून में सरकार को दिया था। सरकार ने इसे मंजूरी नहीं दी थी। 31 जुलाई को मौजूदा गाइडलाइन के हिसाब से ही रजिस्ट्री फीस लेने का फैसला लिया था। प्रस्तावित गाइडलाइन में भोपाल, इंदौर, जबलपुर, ग्वालियर समेत प्रदेश की सवा लाख लोकेशन पर 5 से 40% तक गाइडलाइन बढ़ाने की बात शामिल है। भोपाल…

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