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यहां बन रहा है कांच का पुल, सितम्बर में हो सकता है लोकार्पण

भोपाल। मध्यप्रदेश की राजधानी एवं द सिटी आॅफ लेक भोपाल जल्द ही फ्लाईओवर और पुलों की शहर भी कहा जाएगा। यहां कुछ बेहरतीन फ्लाईओवर बनकर तैयार हो चुके हैं जबकि कई अभी निर्माण की प्रक्रिया में है। इस बीच एक और खबर आ रही है। भोपाल के रोहित नगर इलाके में कांच का ब्रिज बन रहा है इसे 'ग्लास डेक ब्रिज' कहते हैं। भारत में सबसे पहला ग्लास डेक ब्रिज आंधप्रदेश में बनकर तैयार हुआ है, भोपाल में देश का दूसरा ग्लास डेक ब्रिज होगा। सितम्बर में इसके लोकार्पण की संभावना है। जब आप इस पर चलेंगे तो आपको महसूस…

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भोपाल। मध्यप्रदेश की राजधानी एवं द सिटी आॅफ लेक भोपाल जल्द ही फ्लाईओवर और पुलों की शहर भी कहा जाएगा। यहां कुछ बेहरतीन फ्लाईओवर बनकर तैयार हो चुके हैं जबकि कई अभी निर्माण की प्रक्रिया में है। इस बीच एक और खबर आ रही है। भोपाल के रोहित नगर इलाके में कांच का ब्रिज बन रहा है इसे ‘ग्लास डेक ब्रिज’ कहते हैं। भारत में सबसे पहला ग्लास डेक ब्रिज आंधप्रदेश में बनकर तैयार हुआ है, भोपाल में देश का दूसरा ग्लास डेक ब्रिज होगा। सितम्बर में इसके लोकार्पण की संभावना है। जब आप इस पर चलेंगे तो आपको महसूस होगा कि आप हवा में हैं। पैर के नीचे जमीन पर क्या हो रहा है, सबकुछ आपको दिखाई देगा।
ग्लास डेक ब्रिज बनाने वाली कंपनी के सीईओ असित पाठक ने बताया कि इंदौर मप्र की कंपनी ग्लास डेक ब्रिज बना रही है, यह अपने आप में एक बड़ी उपलब्धि है। इंदौर के डिजाइनर्स और इंजीनियर्स ने काकीनाडा, आंध्रप्रदेश में देश का पहला ग्लास डेक ब्रिज बनाया दिया है। इसका उद्घाटन इसी महीने किया जाएगा। विजयवाड़ा से करीब 400 किमी दूर स्थित काकीनाडा को आंध्र सरकार टूरिस्ट स्पॉट के रूप में विकसित कर रही है। यहीं पर समुद्री कटाव के क्षेत्र में भरे पानी को पार करने की परेशानी से बचने के लिए देश का पहला पेडेस्ट्रियन ग्लास डेक ब्रिज बनाया जाना था। करीब 7 महीने में 45 मीटर लंबा, 2 मीटर चौड़ा और 8 मीटर ऊंचा पुल तैयार किया गया है।

बर्दाश्त कर सकता है 500 किलो प्रति वर्गमीटर वजन
पुल के निर्माण पर करीब 2.5 करोड़ रु. की लागत आई है। यह पुल 500 किलो प्रति वर्गमीटर का वजन बर्दाश्त कर सकता है। इसमें उपयोग किए गए टफन ग्लास की मोटाई करीब 25 मिमी है। इसके लिए 12-12 मिमी के दो ग्लासों को बीच में एक मिमी की लेमिनेटेड फिल्म रखकर साथ जोड़ा गया है। जिससे अगर किसी परिस्थिति में कांच टूट भी जाए तो लेमिनेटेड फिल्म उसे कम से कम 12 घंटे तक बिखरने से रोके रखे और इस तरह किसी भी तरह की दुर्घटना टाली जा सके।

भोपाल। मध्यप्रदेश की राजधानी एवं द सिटी आॅफ लेक भोपाल जल्द ही फ्लाईओवर और पुलों की शहर भी कहा जाएगा। यहां कुछ बेहरतीन फ्लाईओवर बनकर तैयार हो चुके हैं जबकि कई अभी निर्माण की प्रक्रिया में है। इस बीच एक और खबर आ रही है। भोपाल के रोहित नगर इलाके में कांच का ब्रिज बन रहा है इसे 'ग्लास डेक ब्रिज' कहते हैं। भारत में सबसे पहला ग्लास डेक ब्रिज आंधप्रदेश में बनकर तैयार हुआ है, भोपाल में देश का दूसरा ग्लास डेक ब्रिज होगा। सितम्बर में इसके लोकार्पण की संभावना है। जब आप इस पर चलेंगे तो आपको महसूस…

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