Home / देखी सुनी / इमरती देवी का जलवा खत्म, गिर्राज दंडोतिया भी ‘पूर्व’ हो गए

इमरती देवी का जलवा खत्म, गिर्राज दंडोतिया भी ‘पूर्व’ हो गए

विधानसभा का उपचुनाव हार जाने के बावजूद मंत्री पद से चिपके रहे ज्योतिरादित्य सिंधिया समर्थक गिर्राज दंडोतिया 'पूर्व' हो गए। आज के बाद उनकी पहचान पूर्व मंत्री और पूर्व विधायक की होगी। इसी प्रकार इमरती देवी का जलवा भी खत्म हो गया है। अब उन्हें ग्वालियर का वह सरकारी बंगला छोड़ना होगा, जिसका नोटिस मिलने पर उन्होंने एक अधिकारी को भोपाल अटैच करवा दिया था। मंत्रालय सूत्रों ने बताया कि इमरती देवी, गिर्राज दंडोतिया के अलावा एदल सिंह कंषाना उप चुनाव हार गए थे। कंषाना ने तो चुनाव हारने के 48 घंटे बाद ही मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया…

Review Overview

User Rating: Be the first one !


विधानसभा का उपचुनाव हार जाने के बावजूद मंत्री पद से चिपके रहे ज्योतिरादित्य सिंधिया समर्थक गिर्राज दंडोतिया ‘पूर्व’ हो गए। आज के बाद उनकी पहचान पूर्व मंत्री और पूर्व विधायक की होगी। इसी प्रकार इमरती देवी का जलवा भी खत्म हो गया है। अब उन्हें ग्वालियर का वह सरकारी बंगला छोड़ना होगा, जिसका नोटिस मिलने पर उन्होंने एक अधिकारी को भोपाल अटैच करवा दिया था।
मंत्रालय सूत्रों ने बताया कि इमरती देवी, गिर्राज दंडोतिया के अलावा एदल सिंह कंषाना उप चुनाव हार गए थे। कंषाना ने तो चुनाव हारने के 48 घंटे बाद ही मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था, जबकि दंडोतिया ने 9 दिन और इमरती देवी ने सिंधिया से मुलाकात करने के बाद 24 नंवबर को मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया। सरकार ने कंषाना का इस्तीफा 27 नंवबर को स्वीकार कर लिया था, लेकिन राजनीतिक चर्चाओं में कहा गया कि ज्योतिरादित्य सिंधिया के दबाव के कारण मुख्यमंत्री ने इमरती देवी और दंडोतिया का इस्तीफा स्वीकार नहीं किया था।  कैबिनेट विस्तार से पहले सिंधिया के कोटे से दो मंत्री कम किए गए और उनकी जगह पर दो नए मंत्रियों को शपथ दिलाई गई।

विधानसभा का उपचुनाव हार जाने के बावजूद मंत्री पद से चिपके रहे ज्योतिरादित्य सिंधिया समर्थक गिर्राज दंडोतिया 'पूर्व' हो गए। आज के बाद उनकी पहचान पूर्व मंत्री और पूर्व विधायक की होगी। इसी प्रकार इमरती देवी का जलवा भी खत्म हो गया है। अब उन्हें ग्वालियर का वह सरकारी बंगला छोड़ना होगा, जिसका नोटिस मिलने पर उन्होंने एक अधिकारी को भोपाल अटैच करवा दिया था। मंत्रालय सूत्रों ने बताया कि इमरती देवी, गिर्राज दंडोतिया के अलावा एदल सिंह कंषाना उप चुनाव हार गए थे। कंषाना ने तो चुनाव हारने के 48 घंटे बाद ही मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया…

Review Overview

User Rating: Be the first one !

About Dheeraj Bansal

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

*

x

Check Also

मेलाः भूपेन्द्र जैन के सिर ताज, मेहनत रंग लाई

अंततः ग्वालियर व्यापार मेला लगाने की औपचारिक घोषणा भी हो गई। मेला ...