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ग्वालियर में लॉकडाउन के समय गेहूं घोटाला, दूसरा आरोपी राहुल अग्रवाल गिरफ्तार

ग्वालियर। लॉकडाउन के समय गरीबों का पेट भरने के लिए प्रधानमंत्री योजना के तहत गेहूं बांटा गया था, लेकिन यह किसी ने सोचा नहीं थी कि करीब 3 करोड़ 7 लाख का गेंहू खुदबुर्द हो जाएगा. पुलिस ने अनाज घोटाले के तीन में से दो आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. पकड़े गए आरोपियों ने सरकारी गेहूं को लेकर कई खुलासे किए हैं. आरोपियों के मुताबिक उसने सरकारी गोदामों से गरीबों को बांटे जाने वाला गेहूं रास्ते में ही गायब कर दिया था. हालांकि इस मामले में कई लोगों की मिली भगत की बात सामने आई है. वहीं…

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ग्वालियर। लॉकडाउन के समय गरीबों का पेट भरने के लिए प्रधानमंत्री योजना के तहत गेहूं बांटा गया था, लेकिन यह किसी ने सोचा नहीं थी कि करीब 3 करोड़ 7 लाख का गेंहू खुदबुर्द हो जाएगा. पुलिस ने अनाज घोटाले के तीन में से दो आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. पकड़े गए आरोपियों ने सरकारी गेहूं को लेकर कई खुलासे किए हैं. आरोपियों के मुताबिक उसने सरकारी गोदामों से गरीबों को बांटे जाने वाला गेहूं रास्ते में ही गायब कर दिया था. हालांकि इस मामले में कई लोगों की मिली भगत की बात सामने आई है. वहीं पुलिस मामले में पूछताछ की कार्रवाई कर रही है.
3 करोड़ 7 लाख के गेंहू घोटाले में पुलिस ने राहुल अग्रवाल नाम के ट्रांसपोर्टर को भी गिरफ्तार कर लिया है. यह आरोपी उत्तर प्रदेश के इटावा से पकड़ा गया है. वहीं दो दिन पहले आरोपी के ट्रांसपोर्टर मामा मुन्ना अग्रवाल को पुलिस पहले ही हिरासत में ले चुकी है. दोनों ही आरोपी रिश्ते में मामा भांजे लगते हैं. वहीं पुलिस पकड़े गए आरोपियों से पूछताछ में जुट गई है, जबकि गेहूं घोटाले में तीसरा आरोपी अब भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है.
गेहूं घोटाले के दूसरे ट्रांसपोर्टर राहुल अग्रवाल को क्राइम ब्रांच ने पकड़ लिया है. क्राइम ब्रांच ने राहुल को झांसी रोड थाना पुलिस के सुपुर्द कर दिया है. शनिवार को इस घोटाले के पहले आरोपी मुरैना के ट्रांसपोर्टर मुन्‍नालाल अग्रवाल को पकड़ा गया था. राहुल व मुन्‍नालाल अग्रवाल रिश्ते में मामा-भांजे हैं. दोनों की गिरफ्तारी से इस घोटाले से जुड़े कई राज खुल सकते हैं. नागरिक आपूर्ति निगम के जिला प्रबंधक संजय कुमार सक्सेना ने 19 दिसबंर को ट्रांसपोर्टर मुन्नालाल अग्रवाल व राहुल अग्रवाल के खिलाफ गेहूं घोटाले का मामला दर्ज कराया था. जिनकी पुलिस तलाश में थी, वहीं मामा मुन्नालाल अग्रवाल व उसके भांजे राहुल के पकड़े जाने के बाद गरीबों का गेहूं बड़ी मात्रा में खरीदने वाले व्यापारी भी गिरफ्त में आ सकते हैं. पुलिस दोनों आरोपियों से पूछताछ कर पता लगा रही है कि उन्होंने सरकारी गेहूं किन-किन व्यापारियों को बेचा है. गेहूं बेचने के बाद मिले पैसे किस-किस को बांटा और इसका उपयोग कहां कहां किया गया है.

ग्वालियर। लॉकडाउन के समय गरीबों का पेट भरने के लिए प्रधानमंत्री योजना के तहत गेहूं बांटा गया था, लेकिन यह किसी ने सोचा नहीं थी कि करीब 3 करोड़ 7 लाख का गेंहू खुदबुर्द हो जाएगा. पुलिस ने अनाज घोटाले के तीन में से दो आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. पकड़े गए आरोपियों ने सरकारी गेहूं को लेकर कई खुलासे किए हैं. आरोपियों के मुताबिक उसने सरकारी गोदामों से गरीबों को बांटे जाने वाला गेहूं रास्ते में ही गायब कर दिया था. हालांकि इस मामले में कई लोगों की मिली भगत की बात सामने आई है. वहीं…

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