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सियासत में ‘सर्टीफाइड गुण्डत्व’

विषय बड़ा ही रोचक है. देश के विश्व विद्यालय चाहें तो इस नए,मौलिक,और लोकोपयोगी विषय पर नए शोधककार्य को अपनी मंजूरी दे सकते हैं. विषय है ‘भारतीय राजनीति में सर्टीफाइड गुण्डत्व ‘.भारतीय राजनीति 1947 में 15 अगस्त को आधी रात ...

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राजनीति का खूंटा, विचार है या सुविधा ?

राजनीति के चरित्र पर विचार करना केवल राजनीति में काम करने वालों की ड्यूटी नहीं है.जनता को भी देश की राजनीति और राजनेताओं के चरित्र पर विचार करते रहना चाहिए .आज के विषाक्त वातावरण में ये बहुत जरूरी हो गया ...

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घर-घर मोदी, लेकिन घर-घर राशन नहीं

आज मै बात करना चाहता था भारत में वृक्षारोपण की,लेकिन इसे मुल्तबी कर मुझे बात करना पड़ रही है देश की राजधानी दिल्ली में आप सरकार द्वारा शुरू की जाने वाली एक ऐसी योजना की जिसके तहत घर-घर राशन मुहैया ...

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एलोपैथी से लेकर मैथी-पैथी तक

मुझे आज ‘यास ‘ तूफ़ान से होने वाली तबाही पर लिखना था लेकिन लिख रहा हूँ उस विवाद पर जो एक गैर-जिम्मेदार बाबा ने देश में शुरू किया है .दरअसल बाबा रामदेव मुझे पहली मुलाक़ात से ही छद्मराज नजर आये ...

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‘ब्लडमून’ और भारत की ग्रहदशा

साल 2021 का पहला चन्द्रग्रहण भारत के लोग नहीं देख सके ,कोई बात नहीं उनकी तरफ से अमेरिका में मैंने आज ये चंद्रग्रहण देख लिया.खगोलशास्त्रियों को ये ग्रहण बड़ा खूबसूरत लगता है .मै चंद्रग्रहण में ही ये लेख लिख रहा ...

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‘ इगनोर’ कर या ‘गोर’

-राकेश अचल- आज बात न सियासत की है और न संक्रमण की .आज बात करते हैं उन दो शब्दों की जो जिंदगी के लिए बहुत जरूरी हैं.शब्दों की तह तक जाना भाषाविदों/व्याकरणाचार्यों का काम होता है लेकिन हम जैसे लोग ...

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अडानी: क्या अर्थव्यवस्था का असल चेहरा है ?

देश के लिए गर्व की बात भी है और शर्म की भी की एक उद्योगपति कोरोनाकाल में सबसे बड़ा अमीर बनता दिखाई दे रहा है जबकि दूसरी और देश की आम जनता की आर्थिकदशा मिट्टी में मिलती दिखाई दे रही ...

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स्वास्थ्य नीति की समीक्षा का सही वक्त

भारत की स्वास्थ्य नीति कोरोना महामारी के दौरान पूरी तरह नाकाम साबित हुई है ,इसलिए अब सवाल किया जा सकता है की क्या देश की स्वास्थ्य नीति में आमूल-चूल परिवर्तन किये जाने चाहिए या नहीं .भारत दुनिया के उन गिने-चुने ...

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नदियों की खुराक नहीं हैं हमारी अस्थियां

भारत उन देशों में से एक हैं जहाँ कहने को तो गंगा जैसी पवित्र माने जाने वाली नदियां बहतीं हैं लेकिन हकीकत में भारत की नदियाँ दुनियां में सबसे अधिक प्रदूषित हैं .कॉरोनकाल में तो गंगा जैसी नदियों की भी ...

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अब सिर्फ पूछे नहीं, अपने नेताओ को खदेड़े

(राकेश दुबे) आप से यह बात मैं ऐसे ही नहीं कह रहा हूँ, कुछ तर्क भी दे रहा हूँ | आज हर मोर्चे पर देश के स्वास्थ्य तंत्र की परीक्षा हो रही है, औरयह परीक्षा  अपने गिरेबान में झांकने को कह रही ...

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