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मुख्य अभियंता ने गलत जानकारी देकर लोकतंत्र के मंदिर को किया गुमराह

ग्वालियर। लोकतंत्र की दुहाई देते हुये राजनेता और अधिकारी जनता के सामने इस तरह से पेश आते है कि लोकतंत्र को लेकर यह कितने गंभीर है। मगर उनके कारनामों को सुनकर जनता अब पूरी तरह उनकी मंशा को समझने लगी है। जिसमें लोकतंत्र के मंदिरों में बोले जाने वाला झूठ भी अब सामने आने लगा है। जिसका नजारा पूर्व में कई बार सामने आ चुका है। वहीं इस बार फिर एक मुख्य अभियंता ने लोकतंत्र के मंदिर में झूठी जानकारी देकर उनकी नजर में इस मंदिर की अहमियत की कलई खोलकर रख दी है। म्प्र विधानसभा के सत्र में इस…

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ग्वालियर। लोकतंत्र की दुहाई देते हुये राजनेता और अधिकारी जनता के सामने इस तरह से पेश आते है कि लोकतंत्र को लेकर यह कितने गंभीर है। मगर उनके कारनामों को सुनकर जनता अब पूरी तरह उनकी मंशा को समझने लगी है। जिसमें लोकतंत्र के मंदिरों में बोले जाने वाला झूठ भी अब सामने आने लगा है। जिसका नजारा पूर्व में कई बार सामने आ चुका है। वहीं इस बार फिर एक मुख्य अभियंता ने लोकतंत्र के मंदिर में झूठी जानकारी देकर उनकी नजर में इस मंदिर की अहमियत की कलई खोलकर रख दी है।
म्प्र विधानसभा के सत्र में इस बार विधायक राजेश कुमार प्रजापति द्वारा तारंकित प्रश्न संख्या 2800 के जरिए लोकनिर्माण मंत्री सज्जन सिंह वर्मा से जानकारी मांगते हुये पूछा था कि स्थानांतरण नीति वर्ष 2019-20 की कंडिका 11.25 के अनुसार अपराधिक प्रकरण अथवा विभागीय जांच लंबित होने की दशा में ऐसे अधिकारियों की पदस्थापना कार्यपालिक पदों पर नहीं किए जानेका आलेख किया गया था, जिसके चलते इस नियम के विरूद्ध कितनी पदस्थापना की गई, अगर नियम विरूद्ध पदस्थापना है तो उनको कब तक हटाया जायेगा। वहीं उन्होंने कार्यपालन यंत्री लोक निर्माण विभाग या संभाग के पद पर प्रभारी डीपी साहू व अन्य के विरूद्ध का नाम लिखते हुये उनकेा कब तक हटाने की बात कहीं थीं। विधायक ने अपने प्रश्न में डीपी साहू अन्य के खिलाफ भोपाल राज्य आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ में दर्ज प्राथमिकी संख्या 85-2012 का भी उल्लेख किया था।

इस मामले में 15 लाख 53 हजार 648 रूपये का बजट पूर्वक षडयंत्र एवं भ्रष्ट आचरण का आपराधिक कृत्य होना पाया गया था। इस मामले में मुख्य अभियंता आरएल भारती द्वारा विधानसभा को उत्तर देते हुये कहा कि डीपी साहू प्रभारी कार्यपालन यंत्री लोक निर्माण विभाग संभाग ग्वालियर व अन्य के खिलाफ इस नाम से कोई प्रकरण दर्ज नहीं है। शेष प्रश्नांस का प्रश्न ही नहीं उठता है। प्रभारी कार्यपालन यंत्री ग्वालियर डीसी साहू का कहना था कि मुझ पर प्रकरण आर्थिक अपराध में दर्ज हैं। विधानसभा को कैसी जानकारी भेजी है इस बारे में देखकर ही बता सकता हूं।

ग्वालियर। लोकतंत्र की दुहाई देते हुये राजनेता और अधिकारी जनता के सामने इस तरह से पेश आते है कि लोकतंत्र को लेकर यह कितने गंभीर है। मगर उनके कारनामों को सुनकर जनता अब पूरी तरह उनकी मंशा को समझने लगी है। जिसमें लोकतंत्र के मंदिरों में बोले जाने वाला झूठ भी अब सामने आने लगा है। जिसका नजारा पूर्व में कई बार सामने आ चुका है। वहीं इस बार फिर एक मुख्य अभियंता ने लोकतंत्र के मंदिर में झूठी जानकारी देकर उनकी नजर में इस मंदिर की अहमियत की कलई खोलकर रख दी है। म्प्र विधानसभा के सत्र में इस…

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