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सभी आयामों पर भाजपा सरकार ने अंधोसंरचना विकसित करने की कोशिश कीः नरेन्द्र तोमर

ग्वालियर । केन्द्रीय मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर ने कहा कि मप्र की कृषि विकास दर जो 2003 में 3 प्रतिशत में हुआ करती थी, जो आज देश में भारतीय जनता पार्टी की सरकार में सर्वाधिक 20 प्रतिशत तक पहुंची हैं। 2003 में कृषि दर उत्पादन पांच लाख मैट्रिक टन हुआ करता था एवं खरीद की जाती थी। आज 85 लाख मैट्रिक टन कृषि उत्पादन सरकार खरीदने का कार्य करती है। 2003 में राज्य में 5 मेडिकल कॉलेज हुआ करते थे। आज 14 सरकारी है 22 गैर सरकारी है। मप्र में सिंचाई सुविधा की दृष्टि से देखे, तो कांग्रेस के कालखंड…

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ग्वालियर । केन्द्रीय मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर ने कहा कि मप्र की कृषि विकास दर जो 2003 में 3 प्रतिशत में हुआ करती थी, जो आज देश में भारतीय जनता पार्टी की सरकार में सर्वाधिक 20 प्रतिशत तक पहुंची हैं। 2003 में कृषि दर उत्पादन पांच लाख मैट्रिक टन हुआ करता था एवं खरीद की जाती थी। आज 85 लाख मैट्रिक टन कृषि उत्पादन सरकार खरीदने का कार्य करती है। 2003 में राज्य में 5 मेडिकल कॉलेज हुआ करते थे। आज 14 सरकारी है 22 गैर सरकारी है। मप्र में सिंचाई सुविधा की दृष्टि से देखे, तो कांग्रेस के कालखंड में मात्र साढ़े सात लाख हेक्टेयर सिंचाई रकवा था। भारतीय जनता पार्टी की सरकार ने रकवा बढ़ाकर 41 लाख हेक्टेयर सिंचित किया। 2003 में मप्र में अंधेरा था, उस वक्त मात्र 2900 मेगावाट बिजली का उत्पादन होता था और आज भारतीय जनता पार्टी की सरकार 18000 मेगावाट बिजली का उत्पादन हो रहा है और आज शहर से लेकर गांवों तक हर घर में उजाला है। कोई भी घर बगैर बिजली के नहीं हैं। 2003 में सड़कों का नेटवर्क 44 हजार किलोमीटर था और भारतीय जनता पार्टी की सरकार में सड़कों का नेटवर्क बढ़कर डेढ़ लाख करोड़ हो गया है। सभी आयामों पर भारतीय जनता पार्टी की सरकार ने अंधोसंरचना विकसित करने की कोशिश की है।
तोमर ने पत्रकारों से चर्चा में कहा कि मप्र में गरीबों उन्मूलन हो गरीब के जीवन स्तर में बदलाव आये, इसके लिये महत्वपूर्ण परिवर्तन किया है। आज भारतीय जनता पार्टी की सरकार द्वारा किये गए कार्यों का परिणाम भी दिखाई देता है। 2003 में प्रति व्यक्ति आमदनी 15 हजार थी, आज बढ़कर 80 हजार हो गई। मप्र में आज की परिस्थिति में कोई भी व्यक्ति धरती पर भूखा नहीं सो सकता। गरीब आदमी को एक रूपए किलो गेहूं, एक रूपए किलो नमक, दो रूपए किलो चावल, पर्याप्त मात्रा में सरकार उपलब्ध करा रही है। सरकार का काम है सामाजिक सुरक्षा प्रदान कराना। मुख्यमंत्री जनकल्याण योजना के अंतर्गत 77 लाख ऐसे गरीब जिन पर बिजली का बिल 6 हजार करोड रूपया बकाया था। दिवाली से पहले भारतीय जनता पार्टी की सरकार को लगा कि 77 लाख घरां में रोशनी होना चाहिए और इनकी दिवाली भी अच्छी मननी चाहिए। यह कमजोर वर्ग के लोग थे जो बिजली का बिल भरने में असमर्थ थे। भारतीय जनता पार्टी की सरकार ने इन सभी के बिलों को माफ कर शून्य कर दिया। यह सुनिश्चित कर दिया ऐसे गरीब लोग जो संबल योजना के अंतगर्त आते है जिनकी संख्या राज्य में दो करोड़ आठ लाख है। इन सबके लिए दो बल्ब, एक पंखा, एक टीवी चलाने के लिए दो सौ रूपए प्रतिमाह टैरिफ तय कर दिया। शिक्षा की दृष्टि से देखे तो गरीब परिवार के बच्चे भी पढ़ सकें, गरीबों के प्रतिभावान बच्चे फीस के अभाव में वंचित ना रहे, इसलिए सरकार ने मेधावी छात्र योजना में उच्च शिक्षा की फीस दो लाख रूपए से चालीस लाख रूपए तक कर 28 हजार छात्रां को उच्च संस्थानों में पढ़ाने का काम किया है।
टूरिज्म की दृष्टि से मप्र सरकार ने तीर्थ दर्शन योजना बनाई, जिसमें लाखां हितग्राहियों को लाभ प्राप्त हुआ है। प्रधानमंत्री का संकल्प है कि 2022 तक शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्र में कोई भी व्यक्ति बेघर ना रहे, इस लक्ष्य को लेकर केन्द्र सरकार राज्य सरकार के साथ मिलकर कार्य कर रही है और मुझे यह कहकर प्रसन्नता है कि प्रधानमंत्री आवास योजना में भारतीय जनता पार्टी की मप्र सरकार शहरी क्षेत्रों एवं ग्रामीण क्षेत्रों में अग्रणी भूमिका का आज निर्वाहन कर रही है। उज्जवला योजना के अंतर्गत कोई भी यह नहीं सोच सकता था कि केन्द्र सरकार का पेट्रोलियम मंत्रालय के प्रयत्नों से लोगों के घरों में गैस सिलेन्डर पहुंचे और आज छह करोड़ परिवारों को निःशुल्क गैस सिलेन्डर उज्जवला योजना के अंतर्गत दिया गया है और मप्र में भी चालीस लाख निःशुल्क गैस कनेक्शन देने का कार्य किया गया है जिसमें मध्यप्रदेश सरकार की बड़ी भूमिका है। ग्रामीण विकास की दृष्टि से, रोजगार की दृष्टि से और मप्र में रोजगार बढ़े इस दृष्टि से मप्र सरकार ने काफी कार्य किया है। 2003 से पहले कौन सोच सकता था कि मप्र में इन्वेस्टर्स समिट का भी आयोजन हो सकता। मुझे ध्यान है कि 2003 से पहले कांग्रेस शासनकाल में मालनपुर में एमपी आयरन कारखाना बिजली आधारित था उसने बैंक से लोन लिया और पैसा भी लगाया बिजली न होने की वजह से कारखाना में पांच हजार लोगों को रोजगार देने वाली फैक्ट्री बंद हो गयी। सभी उद्योगपतियों ने सोचा कांग्रेस के शासन काल में ना तो बिजली है ना सड़क है तो सारे उद्योग दूसरे राज्य की ओर चले गए और आज मप्र की भारतीय जनता पार्टी की सरकार ने औद्योगिक वातावरण बनाया और आज दो लाख करोड़ का औद्यौगिक इन्वेंस्टमेंट मप्र में लगाया। रोजगार के अवसर भी उपलब्ध हुए, देश का उद्योग जगत जो कारखाना मप्र की धरती पर अनुकूल है वो उसकों लगाना चाहता है।
आज मध्य प्रदेश में औद्योगिक वातावरण बना है इंफोसिस से लेकर अनेक कंपनियां मध्यप्रदेश में आ रही है जगह-जगह आईटी पार्क बनाए गए हैं और लगातार इस बात की कोशिश की जा रही है कि मध्य प्रदेश सर्वाधिक विकास की ओर बढ़े, 2003 में मध्य प्रदेश में मौलिक सुविधाएं नहीं थी, बिजली नहीं है, सड़क नहीं है तो उसके अलावा और कुछ विचार किया जा सकता नहीं है, लेकिन इन 15 सालों में भारतीय जनता पार्टी की सरकार ने बुनियादी रूप से मध्यप्रदेश को मजबूत किया है। मध्य प्रदेश की अर्थव्यवस्था मजबूत है, मध्य प्रदेश की खेती मजबूत है, मध्यप्रदेश की बच्चों की गुणवत्ता पूर्वक पढ़ाई हो रही है। मध्य प्रदेश की हेल्थ सर्विसेज में इंप्रूवमेंट हुआ है और मध्य प्रदेश आज विकसित राज्यों की श्रेणी में खड़ा है इसीलिए हम लोगों ने कहा है कि विकसित मध्य प्रदेश को समृद्ध मध्य प्रदेश बनाना है समृद्ध मध्य प्रदेश के मायने विकास में जो कमी आज बची है वह कमी पूरी हो शिक्षा के जो साधन और बेहतर हो सकते हैं वह समय सीमा में हम पूरे कर सके। आप सभी लोगों ने देखा हुआ कि मध्य प्रदेश में सरकार ने सिंचाई अधिक बढ़ाई है, सिंचाई के लिए बिजली उपलब्ध कराई, इसके फलस्वरूप उत्पादन अधिक बढ़ा है।
तोमर ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी की सरकार कृषि समृद्धि कॉरिडोर बनाएगी एवं कृषि कॉरीडोर का उपयोग करके कृषि उपज उचित स्थान पर पहुंच सके, उसका उचित मूल्य मिल सके, कृषि उत्पाद निर्यात हो सके। हमने कहा है समुद्र किनारे मध्य प्रदेश सरकार अपना बंदरगाह बनाएगी और इस बंदरगाह का का उपयोग करके कृषि उत्पादन के साथ अन्य प्रकार के उत्पादन निर्यात हो सके, परंपरागत खेती से लोग दूसरी खेती पर जाएं फलों की खेती करें, फूलों की खेती करें साथी फूड प्रोसेसिंग हो, किसानों के बच्चे टेक्नोलॉजी को समझें हम लोग फूड प्रोसेसिंग यूनिवर्सिटी की स्थापना मध्य प्रदेश में करने वाले हैं। मध्य प्रदेश में 60 लाख छोटे किसान हैं इसीलिए हम लोगों ने तय किया है कि कृषि समृद्धि योजना के अंतर्गत 60 लाख किसानों को बिना मंडी के प्रमाणीकरण के फसल के रकवे के अनुसार बोनस उनके अकाउंट में भेज दिया जाएगा। जहां तक हम सब लोग जानते हैं कि नौकरी रोजगार का एक साधन नहीं है तो हम को रोजगार के लिए स्वरोजगार की ओर जाना पड़ेगा, स्वरोजगार स्थापित हो इसके लिए स्किल जरूरी है। स्किल डेवलपमेंट की मिनिस्ट्री से कार्यक्रम चल रहे है।ं प्रदेश के मुख्यमंत्री ने स्वरोजगार योजना के अंतर्गत चार लाख लोगों को रोजगार देने का कार्य किया है और हमारी कोशिश है अगली बार सरकार बनेगी और दस लाख लोगों को रोजगार के अवसर मुहैया कराए जाएंगे।
तोमर ने कहा कि हमारे कांग्रेस के नेता कहते हैं कि कांग्रेस को वोट देना चाहिए, मैं लोगों से पूछना चाहता हूं कि कांग्रेस को वोट क्यों दिया जाए, कांग्रेस के नेताओ को इस सवाल का जवाब देना चाहिए। कांग्रेस को शिवराज सिंह अच्छे नहीं लगते, प्रधानमंत्री मोदी जी अच्छे नहीं लगते, यह उनकी पसंद और नापसंद का मामला है, लेकिन जब मध्य प्रदेश में कांग्रेस की सरकार थी चारों तरफ अंधेरे वाला मध्य प्रदेश था। जनता कभी नहीं चाहेगी कि मध्य प्रदेश मैं फिर से अंधेरा छा जाए। 2003 से पहले 10 वर्षों में कांग्रेस ने क्या किया, उपलब्धि उनके पास है नहीं, केंद्र में भी रहे तो कोई उपलब्धि बताने को है नहीं है। कांग्रेस झूठ, असत्य का सहारा लेकर जनता को गुमराह करने की असफसल कोशिश कर रही हैं। ग्वालियर की बात करें तो ग्वालियर में भारतीय जनता पार्टी की सरकार ने एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी बनाई, भारतीय जनता पार्टी सरकार द्वारा आज ग्वालियर में 5 बड़े पुल बनाये जा रहे है जो आने वाले कल में जनता के लिए सुविधाजनक रहेंगे। ग्वालियर में हमने आईटी पार्क बनाया, रेडीमेड गारमेंट पार्क बनाया, ग्वालियर में स्टोन पार्क बनाया, ग्वालियर में प्लास्टिक पार्क बनाने का काम चल रहा है, ग्वालियर के बिलौआ में स्टील कारखाना लगाया, ग्वालियर की आसपास की सभी रोडो को बेहतर बनाया चारों तरफ ग्वालियर की अधोसंरचना बनाने का कार्य भारतीय जनता पार्टी की सरकार ने किया और नगर निगम ग्वालियर के माध्यम से हुआ है ग्रामीण अमृत अधोसंरचना में नल जल योजना से लेकर, सामुदायिक भवन से लेकर अनेक कार्य हो रहे हैं, नल जल योजना में पूरे ग्वालियर जिले में 5000 करोड़ रुपए का इन्वेस्टमेंट राज्य सरकार और केंद्र सरकार मिलकर कार्य कर रही है।
तोमर ने कहा कि मैंने आदर्श गांव के तहत चीनोर गांव गोद लिया था मैंने कोशिश कि चीनोर का विकास हो सके। वहां की शिक्षा का स्तर बढ़ सके नल जल योजना के तहत स्वच्छ पानी पीने का मिल सके, खेलने के लिए स्टेडियम बने, वहां अस्पताल की सारी सुविधाएं हो, प्रसव की सारी सुविधाएं चीनोर में उपलब्ध हो, यह सब कार्य किया साथ ही शिक्षा का स्तर बढ़ाने के लिए चीनौर में गर्ल्स स्कूल को डिजिटल स्कूल बनाया और इसका परिणाम अच्छा मिला। डिजिटल स्कूल बनाने से बच्चों के शिक्षा का स्तर बढ़ रहा है तो हमने ग्वालियर ग्रामीण जिले के 75 हायर सेकेंडरी स्कूल स्कूलों को डिजिटल बनाने का फैसला किया और उस पर काम शुरू हो गया और माननीय उपराष्ट्रपति उसको लांच करने आए थें।
तोमर ने कहा कि ऐसे ही शहरी क्षेत्र में स्मार्ट सिटी योजना के अंतर्गत 40 विद्यालयों को डिजिटल विद्यालय बनाने का कार्य हम लोगों ने किया। सिटी योजना में ग्वालियर आ चुका है स्मार्ट सिटी परियोजना में 2250 करोड़ रुपये लगने वाला है। अमृत योजना के अंतर्गत ग्वालियर के डबरा में काम शुरू हो गए हैं और ग्वालियर में सीवेज और पीने का पानी अमृत योजना के अंतर्गत यह कार्य किया जा रहा है और गवालियर में आने वाले कल में जीवन आसान होगा। ऐसे अनेक विकास के कार्य भारतीय जनता पार्टी की सरकार ने किए है। मैं आप सब को बताना चाहता हूं ग्वालियर के लिए मध्य प्रदेश के लिए भारतीय जनता पार्टी की सरकार ने जो कुछ किया है वह निश्चित रूप से आप सभी के समक्ष हैं हम यहां पर रुकने वाले नहीं हैं आने वाले समय में विकसित मध्य प्रदेश को समृद्ध मध्य प्रदेश बनाएंगे। आपके बीच मैं आपके माध्यम से कहने के लिये आया हूं, कि 28 नवंबर होने वाले विधानसभा चुनाव में भाजपा को आशीर्वाद प्रदान कीजिये।
प्रेसवार्ता में महापौर विवेक शेजवलकर, जिलाध्यक्ष देवेश शर्मा, साडा अध्यक्ष राकेश जादौन, जीडीए अध्यक्ष अभय चौधरी, मीडिया पैनलिस्ट आशीष अग्रवाल, संभागीय सहमीडिया प्रभारी पवनकुमार सेन उपस्थित थे।

ग्वालियर । केन्द्रीय मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर ने कहा कि मप्र की कृषि विकास दर जो 2003 में 3 प्रतिशत में हुआ करती थी, जो आज देश में भारतीय जनता पार्टी की सरकार में सर्वाधिक 20 प्रतिशत तक पहुंची हैं। 2003 में कृषि दर उत्पादन पांच लाख मैट्रिक टन हुआ करता था एवं खरीद की जाती थी। आज 85 लाख मैट्रिक टन कृषि उत्पादन सरकार खरीदने का कार्य करती है। 2003 में राज्य में 5 मेडिकल कॉलेज हुआ करते थे। आज 14 सरकारी है 22 गैर सरकारी है। मप्र में सिंचाई सुविधा की दृष्टि से देखे, तो कांग्रेस के कालखंड…

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